रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने 11 घंटे से धरने पर बैठे नकटी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया

Chhattisgarh Crimesरायपुर कलेक्ट्रेट के सामने 11 घंटे से धरने पर बैठे नकटी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। कांग्रेस नेताओं के साथ मोर्चा खोले ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि शुक्रवार सुबह 11 बजे तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन शुरू होगा।

बता दें कि नकटी गांव में सोमवार को विधायक कॉलोनी बनाने नकटी गांव में 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। अब इसके विरोध में बुधवार को प्रभावितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। उनका कहना है कि प्रशासन ने घर दिए हैं, जिनमें किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। घर इतने छोटे हैं कि उसमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है।

ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स लगाई गई थी। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की और उन्हें समझाइश दी, लेकिन फिर भी वे डटे रहे। इस प्रदर्शन में रायपुर जिला कांग्रेस के नेता भी मौजूद रहे।

वहीं, कांग्रेस विधायक जनकराम ध्रुव और चातुरीनंद के बाद कविता लहरे ने भी नकटी गांव विस्थापन के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विधायक चातुरीनंद ने कहा कि हम जनता के सिर पर छत देने के लिए चुने गए हैं, छीनने के लिए नहीं। गरीबों का घर उजाड़कर ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।

इसके अलावा नकटी गांव को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखी एक साल पुरानी चिट्ठी वायरल हो रही है। जिसमें उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए जमीन चयन पर आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा था कि गरीबों को हटाना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।