
AAP का कहना है कि अगर किसी गरीब परिवार का घर उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। पार्टी ने इसे गरीबों, किसानों और आम नागरिकों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है।
विधायकों को सौंपेंगे ज्ञापन
पार्टी के प्रतिनिधिमंडल हर विधानसभा क्षेत्र में विधायक को ज्ञापन और सहमति-पत्र सौंपेंगे। साथ ही उनसे लिखित जवाब भी मांगा जाएगा कि वे ऐसी किसी आवासीय योजना का समर्थन नहीं करेंगे, जो किसी गरीब परिवार के विस्थापन की कीमत पर बनाई जा रही हो।
‘यह किसी व्यक्ति नहीं, व्यवस्था के खिलाफ अभियान’
AAP ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय, संवेदना और संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
प्रदेशभर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश
पार्टी ने प्रदेश पदाधिकारियों, जोन प्रभारियों, जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों, ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को अभियान में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों से कार्यक्रम की फोटो, वीडियो और रिपोर्ट भी उसी दिन प्रदेश कार्यालय भेजने को कहा गया है।
‘सिर्फ नकटी नहीं, हर गरीब की लड़ाई’
पार्टी का कहना है कि यह केवल नकटी गांव का मामला नहीं है, बल्कि उन सभी गरीब परिवारों की लड़ाई है, जिन्हें विकास परियोजनाओं के नाम पर कभी भी बेघर किया जा सकता है। AAP ने कहा कि प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।