
मंत्रालय (महानदी भवन) में शाम 4 बजे होने वाली इस बैठक में मानसून सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार सदन में पेश किए जाने वाले कई संशोधन विधेयकों और चालू वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।
बैठक में प्रदेश में मानसून की स्थिति और खरीफ सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा होगी। खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों को हो रही आपूर्ति और कृषि विभाग की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में औसत से कम वर्षा होने के कारण खरीफ सीजन की बुआई भी प्रभावित हुई है।
ऐसे में कैबिनेट बैठक में बारिश की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक कृषि योजना, सिंचाई व्यवस्था और किसानों को राहत देने के संभावित उपायों पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार फिलहाल अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की संभावना और मौसम की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।
नई ट्रांसफर नीति पर भी फैसला संभव
प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी नई ट्रांसफर नीति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक में नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी मिल सकती है।
यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो जल्द ही प्रदेश में तबादलों का रास्ता खुल जाएगा। कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न विभाग भी नई नीति का इंतजार कर रहे हैं, ताकि लंबे समय से लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू हो सके।
इसके साथ ही धान उपार्जन नीति और नई स्थानांतरण नीति को लेकर भी मंत्रिपरिषद में विचार-विमर्श होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट में किसानों, श्रमिकों, सरकारी कर्मचारियों और उद्योगों से जुड़े कुछ अहम प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं।
इनमें विभिन्न विभागों से जुड़े नीतिगत फैसलों पर भी चर्चा होगी।
क्योंकि 13 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए कैबिनेट की यह बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें लिए गए फैसलों पर सरकार की आगामी रणनीति की भी झलक देखने को मिल सकती है।