प्रमाण-पत्र के चक्कर में फंँसा आदिवासी बच्चों का भविष्य

Chhattisgarh Crimesजिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कलेक्टर को ज्ञापन सौप कर गंभीर मामले पर समाधान करने का किया आग्रह।
पूरन मेश्राम/मैनपुर। नया सत्र शुरू हो गया लेकिन मैनपुर तहसील के सैकडो़ स्कूली बच्चों की पढ़ाई सिर्फ एक कागज की वजह से अटक गई है।
जाति,निवास और आय प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए भोले-भाले आदिवासी पालक महीनों से तहसील और चॉइस सेंटर के चक्कर काट रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन लगाते ही दस्तावेज अपूर्ण कहकर वापस कर दिया जा रहा है। जबकि यही दस्तावेज पिछले सालों में स्वीकार हो चुके हैं।
मुद्दा गंभीर देखकर आज 17 जुलाई शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम खुद जिला मुख्यालय पहुंँचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को ललकारा।संजय नेताम ने कहा स्कूल, कॉलेज, छात्रवृत्ति,प्रवेश सब इसी प्रमाण-पत्र पर टिका है। अगर समय पर कागज नहीं बना तो गरीब का बेटा-बेटी पढ़ाई से वंचित हो जाएगा। दूरस्थ गांव के लोग आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।प्रशासन की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।

नेताम की 2 बड़ी मांगें
1.तुरंत जांच हो अनावश्यक आपत्ति लगाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही हो
2.समस्याओ का निराकरण समय पर हो ताकि सभी पात्र बच्चों के प्रमाण-पत्र समयबद्ध तरीके से बनें
3.नए नियम हो तो सार्वजनिक हो ताकि गरीब भटकने से बचे
उन्होंने साफ कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर नहीं होने देंगे।अब देखना है प्रशासन कब तक नींद से जागता है।

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