
इसी बीच EOW ने उन्हें लिकर स्कैम घोटाले में भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ करने की अनुमति भी कोर्ट से मिल गई है। EOW का दावा है कि 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन पहुंचाए गए।
रिमांड के दौरान EOW ने कोर्ट को बताया कि, जांच में अब तक मिले तथ्यों के आधार पर करीब 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन तक पहुंचने की जानकारी मिली है। एजेंसी का कहना है कि डायरी और अन्य दस्तावेजों के दोबारा विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW दोनों ने दावा किया था कि कोल लेवी से जुड़े 52.62 करोड़ रुपए रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे थे। बाद में यह आंकड़ा 54.62 करोड़ रुपए बताया गया था। अब EOW ने जांच के दौरान यह दावा बढ़ाकर 104 करोड़ रुपए कर दिया है।
डायरियों के आधार पर जांच आगे बढ़ी
जांच एजेंसी के मुताबिक, कोल लेवी मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से मिली डायरियों के विश्लेषण के आधार पर यह जांच आगे बढ़ी है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित रकम के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
इन आरोपियों से आमना-सामना कराएगी EOW
EOW ने कोर्ट को बताया कि रामगोपाल अग्रवाल का आमना-सामना इस मामले के अन्य आरोपियों और गवाहों से कराया जाएगा। इनमें सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र डनसेना, निखिल चंद्राकर, रोशन सिंह, नारायण साहू और गवाह मोहसिन खान शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि इस दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए जाएंगे।
रिमांड के दौरान ही शराब घोटाले में दूसरी गिरफ्तारी
शुक्रवार को कोल लेवी मामले में 9 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद EOW ने रामगोपाल अग्रवाल को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने कोल लेवी मामले में 22 जुलाई तक पुलिस रिमांड बढ़ा दी। इसी दौरान EOW ने उन्हें शराब घोटाले में भी गिरफ्तार के आवेदन लगाया था
हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने 25 जुलाई तक रामगोपाल को न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। चूंकि कोल लेवी मामले में वे पहले से EOW की पुलिस रिमांड पर हैं, इसलिए फिलहाल वे एजेंसी की हिरासत में ही रहेंगे। 22 जुलाई को कोल लेवी मामले की रिमांड खत्म होने के बाद EOW शराब घोटाले में अलग से पुलिस रिमांड मांग सकती है।
22 जुलाई के बाद लिकर केस में रिमांड की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, 22 जुलाई को कोल लेवी मामले की रिमांड खत्म होने के बाद EOW उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद एजेंसी लिकर स्कैम में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मांग सकती है। वहीं, ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद उस मामले में भी आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जरूरत पड़ने पर उस केस में भी गिरफ्तारी हो सकती है।
ED भी जल्द मांग सकती है रामगोपाल की कस्टडी
छत्तीसगढ़ के कोल लेवी, शराब घोटाला, DMF और कस्टम मिलिंग जैसे मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, EOW की कार्रवाई के बाद अब ED भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मांग सकती है।
फिलहाल EOW को अलग-अलग मामलों में उनसे पूछताछ करनी है। ऐसे में संभावना है कि EOW की जांच पूरी होने और रामगोपाल अग्रवाल के न्यायिक हिरासत जेल में भेजे जाने के बाद ED अदालत से उनकी कस्टडी लेकर अपने मामलों में पूछताछ शुरू कर सकती है।