
बारिश का सबसे ज्यादा असर बिलासपुर में देखने को मिला। यहां 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात बने हैं। लगातार बारिश से नेशनल हाईवे-49 पर कई जगह 4 से 5 फीट तक पानी भर गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सरकंडा के लिंगियाडीह में तेज बहाव में बहने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। बाद में उसका शव झाड़ियों में मिला।
कोटमीसोनार में लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण इस रास्ते को भी एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स समेत कई इलाकों की सड़कें और घर पानी में डूब गए। हालात को देखते हुए बिलासपुर जिले के स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी घोषित की गई। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से 5 मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि 3 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए।