आयकर रिटर्न दाखिल करते समय इस बार करदाताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी

Chhattisgarh Crimesआयकर रिटर्न दाखिल करते समय इस बार करदाताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी। नियमों में बदलाव के बाद पहली बार शादी-समारोह या रिश्तेदारों से मिले उपहार की जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और सरकारी योजनाओं के तहत मिली सब्सिडी या अनुदान का ब्योरा भी आईटीआर में दर्ज करना होगा। जानकारी छिपाने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक हो सकती है।

अब वसीयत या संयुक्त हिंदू परिवार के बंटवारे से मिली संपत्ति, कृषि भूमि की बिक्री और महतारी वंदन जैसी सरकारी योजनाओं से मिली राशि की जानकारी भी देनी होगी। सोलर सब्सिडी समेत दूसरी सरकारी सहायता भी इसके दायरे में आएगी।

इन पर मिलने वाली आयकर छूट पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन आईटीआर में इनका उल्लेख अनिवार्य होगा। पहले ऐसी करमुक्त प्राप्तियों की विस्तृत जानकारी देना जरूरी नहीं था।

बैंक स्टेटमेंट जांचें, सरकारी मदद का पूरा ब्योरा दें वरिष्ठ सीए एवं टैक्स बार ट्रिब्यूनल के चेतन तारवानी ने बताया कि करदाताओं को आईटीआर भरने से पहले अपना बैंक स्टेटमेंट जांचना चाहिए। खाते में किसी सरकारी योजना, सब्सिडी या अनुदान की राशि जमा हुई है तो उसे रिटर्न में दिखाना होगा। नए प्रावधान से करदाताओं को राहत भी मिलेगी। अब तक ऐसी करमुक्त प्राप्तियों की जानकारी सरकार को देने के लिए रिटर्न में स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। नए प्रारूप में इन्हें दर्ज किया जा सकेगा।

16 लाख भरते हैं रिटर्न, अब तक 65% जमा

छत्तीसगढ़ में करीब 16 लाख लोग, संस्थाए और कंपनियां इंकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं। सीए एसोसिएशन के अनुसार अभी 65 प्रतिशत ने रिटर्न दाखिल कर दिया है। 31 जुलाई तक यह संख्या 90 से 95 फीसदी के आसपास जाने की संभावना है।

बाकी लोग तकनीकी और कई कारणों से रिटर्न जमा नहीं करते हैं। हालांकि इनमें भी बाद में लोग 1000 रुपए जुर्माना शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर देते हैं। एसोसिएशन के अनुसार अभी 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने वालों में सबसे बड़ी संख्या नौकरीपेशा वालों की है।

31 जुलाई तक रिटर्न, देरी पर 5 हजार तक शुल्क: नौकरीपेशा समेत अन्य करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है। आयकर विभाग ने आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4 (सुगम), आईटीआर-5 और आईटीआर-7 की एक्सेल यूटिलिटी पोर्टल पर उपलब्ध करा दी है।

तय तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234एफ के तहत विलंब शुल्क देना होगा। पांच लाख रुपए तक की कुल आय वाले करदाताओं पर एक हजार रुपए और इससे अधिक आय वालों पर पांच हजार रुपए तक शुल्क लगेगा। बकाया कर पर एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज भी देना होगा।

वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है

आईटीआर के लिए किस पर ध्यान देना होगा? आईटीआर दाखिल करते समय ये दस्तावेज संभालकर रखें। बैंक स्टेटमेंट और पासबुक, सब्सिडी स्वीकृति-पत्र, ईवी या सोलर पैनल का बिल, जमीन की रजिस्ट्री और बिक्री दस्तावेज, उपहार देने वाले का नाम एवं संबंध, विवाह संबंधी प्रमाण और गिफ्ट रिकॉर्ड, वसीयत या पारिवारिक बंटवारे के दस्तावेज।

क्या करमुक्त है, फिर भी देना होगा ब्योरा? नहीं, आईटीआर में किसी रकम की जानकारी देने का अर्थ यह नहीं है कि उस पर कर भी लगेगा। वसीयत, पारिवारिक बंटवारे, पात्र उपहार और सरकारी सहायता जैसी करमुक्त प्राप्तियों का भी निर्धारित कॉलम में उल्लेख करना होगा। इससे आयकर विभाग बैंक खाते में आई रकम के स्रोत का मिलान कर सकेगा।

और क्या सावधानी बरतनी होगी? रिटर्न भरने से पहले 5 जगह करें मिलान। पहला- बैंक स्टेटमेंट, दूसरा- फॉर्म 16, तीसरा- फॉर्म 26एएस, चाैथा- वार्षिक सूचना विवरण यानी एआईएस, पांचवां- करदाता सूचना सारांश यानी टीआईएस। इनमें दर्ज आय, ब्याज, निवेश और बड़े लेन-देन का आईटीआर से मिलान नहीं होने पर विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है।

अगर गलती हो जाए तो क्या करें? आईटीआर दाखिल करने के बाद कोई आय, उपहार या सब्सिडी छूटने का पता चले तो संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। करदाता को विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय निर्धारित समय के भीतर गलती सुधारनी चाहिए।

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