
महोत्सव का सबसे खास आकर्षण आज 17 जून को होने वाला सहस्रावधान प्रदर्शन रहेगा। 14 वर्षीय बाल मुनि हंसभद्र मुनि श्रद्धालुओं के एक हजार शब्दों को सुनकर दोहरा देंगे। वहीं शाम को आयोजित भक्ति संध्या में मुंबई के भजन गायक ऋषभ संभव जैन और कलाकार झाड़ी जयपुर अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगे।
महोत्सव का आयोजन सकल जैन समाज छत्तीसगढ़, अखिल भारतीय खरतरगच्छ महासंघ और आचार्य पदारोहण सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया।
800 जोड़ों ने एक साथ सूरीमंत्र महापूजन
पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वृहद शांतिधारा अभिषेक से हुई। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय विधिकारक मनोज बाबूमल हरण के सान्निध्य में 800 जोड़ों ने एक साथ सूरीमंत्र महापूजन किया। पीले वस्त्रों में शामिल दंपतियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। एक साथ हुए मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
दोपहर में अरिहंत पूजा मंडल, पाली ने भगवान आदिनाथ के पंच कल्याणकों पर आधारित विशेष पूजन गया। महोत्सव के पहले दिन पांच हजार से अधिक समाजजन इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। कार्यक्रम 26 साधुओं और 16 साध्वियों की पावन निश्रा में संपन्न हुआ।
कई संतों की रही उपस्थिति
मंच पर गणाधीश विनयकुशल मुनि, बाल मुनि हंसभद्र मुनि, तप चक्रवर्ती वीरभद्र मुनि (विराग मुनि), पियूष सागर मुनि तथा राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि सहित कई संतों की उपस्थिति रही। वीरभद्र मुनि का 167वां उपवास भी इस दौरान जारी रहा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
लोकसभा अध्यक्ष कार्यक्रम में होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है।