
इस दौरान 52 घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, त्वरित राहत और चिकित्सा सहायता मिलने से कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली। इसी अवधि में हाईवे पर यातायात बाधित करने वाले 6,359 वाहनों को हटाया गया, जिससे आवागमन सुचारु बना रहा।
हाईवे पेट्रोलिंग टीम को अफसरों ने सौंपी ये जिम्मेदारियां
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में हाईवे पेट्रोलिंग टीम सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचती है। टीम सबसे पहले घायलों को प्राथमिक उपचार देकर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाती है। साथ ही दुर्घटना स्थल पर यातायात को सुचारु कर सड़क पर मौजूद वाहनों और अन्य बाधाओं को हटाने का काम भी करती है।
अवैध पार्किंग के 6,359 वाहन हटाए
हाईवे पेट्रोलिंग ने सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के तहत जून तक 6,359 अवैध पार्किंग वाले वाहनों को हटाया। इसके अलावा सड़क पर घूम रहे 833 मवेशियों को सुरक्षित हटाया गया। जाम की स्थिति बनने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया।
4 नए आधुनिक पेट्रोल वाहन मिले
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जून में पुलिस मुख्यालय ने यातायात पुलिस रायपुर को 4 नए आधुनिक हाईवे पेट्रोल वाहन उपलब्ध कराए हैं। इनमें आवश्यक आपातकालीन उपकरण मौजूद हैं। इससे हादसों की सूचना पर घटनास्थल तक पहुंचने और राहत-बचाव कार्य करने की क्षमता बढ़ी है।
NH-53 को 4 सेक्टर में बांटा
खारुन नदी पुल से महानदी पुल तक NH-53 को चार सेक्टरों में बांटकर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। पेट्रोलिंग टीम दुर्घटना रोकने, यातायात प्रबंधन और आपात सहायता के लिए लगातार गश्त करती है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में हाईवे पेट्रोलिंग टीम को तत्काल सूचना देने की अपील की है।