
कलेक्टर और एसएसपी ने कहा कि जिले की कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधिकारी और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से सत्यापन अभियान चलाकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करें और हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे लोगों और परिवारों की पहचान तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 जारी की है।
यह हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों या उनकी गतिविधियों की सूचना इस नंबर पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
शहर के बाहर विकसित होंगे बस स्टॉप
नगर निगम आयुक्त ने बैठक में बताया कि उद्योगों की कर्मचारी बसों के शहर के भीतर आने से यातायात का दबाव बढ़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम, राजस्व विभाग, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को शहर के बाहरी हिस्सों में उपयुक्त बस स्टॉप विकसित करने के लिए जल्द स्थल चयन करने के निर्देश दिए।
30 सितंबर तक पार्किंग स्थल चिन्हित करने के निर्देश
कलेक्टर ने घरघोड़ा बाईपास मार्ग, बंजारी मंदिर क्षेत्र, पूंजीपथरा मार्ग, तमनार, खरसिया के रानीसागर चौक और गिरवानी मार्ग सहित चिन्हित स्थानों पर भारी वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल का चयन 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
अवैध पार्किंग पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
ओवरस्पीड और अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान जारी
बैठक में जानकारी दी गई कि ओवरस्पीड वाहनों और मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड रडार गन के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले वर्ष 3,762 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई।
इसके अलावा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। संवेदनशील मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और विद्यालयों में यातायात शिक्षा कार्यक्रम भी लगातार संचालित किए जा रहे हैं।