
दरअसल, क्रिकेटर रजत पाटीदार का मोबाइल नंबर तकनीकी त्रुटी से माडागांव के युवक को जारी हो गया था। करीब 15 दिन तक युवक रजत पाटीदार का नंबर उपयोग कर रहा था। इस दौरान रजत को फोन लगाने वाले क्रिकेटर्स की बात मनीष से हो रही थी।
जानिए क्या है पूरा मामला
28 जून 2025 को मनीष बीसी ने देवभोग के एक मोबाइल सेंटर से नया सिम कार्ड लिया। मोबाइल सेंटर संचालक शिशुपाल ने उसे सामान्य प्रक्रिया के तहत (81032776**) नंबर जारी किया। एक हफ्ते बाद मनीष ने अपने दोस्त खेमराज के साथ इस नंबर पर वॉट्सऐप इंस्टॉल किया।
वॉट्सऐप इंस्टॉल करते ही प्रोफाइल पिक्चर में रजत पाटीदार की फोटो दिखाई दी। ग्रामीण युवकों ने इसे सॉफ्टवेयर का कोई खेल समझा। 2 दिन बाद उनके पास अनजान नंबरों से कॉल आने लगे। कॉल करने वाले खुद को विराट कोहली, यश दयाल और एबी डिविलियर्स बता रहे थे।
युवकों को लगा कोई मजाक कर रहा है
मनीष और खेमराज क्रिकेट के शौकीन हैं। उन्हें लगा कि कोई प्रैंक कर रहा है। वे मजाकिया लहजे में बात करते रहे। कॉल करने वाले उन्हें रजत पाटीदार के नाम से पुकार रहे थे। यह सिलसिला 15 जुलाई तक चलता रहा।
बाद में क्रिकेटर रजत पाटीदार ने मध्य प्रदेश साइबर सेल से मदद मांगी। MP पुलिस ने गरियाबंद पुलिस से संपर्क किया। पुलिस गांव पहुंची और युवकों ने सिम लौटाने कहा। युवकों ने सहमति रजत पाटीदार को सिम लौटा दिया है।