सूरजपुर जिले के भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक गर्भवती का प्रसव जमीन पर कराए जाने के मामले में हॉस्पिटल के RHO (महिला) को सस्पेंड कर दिया गया है। जिला स्तरीय जांच समिति जांच के रिपोर्ट के बाद लापरवाही के आरोप में विक्टोरिया केरकेट्टा को दोषी पाते हुए कार्रवाई की गई।
वहीं, मेडिकल आफिसर एवं नर्स के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है। 9 अगस्त को प्रसव के लिए हॉस्पिटल आई महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया था। इस दौरान नर्स और ड्यूटी डॉक्टर बिना किसी सूचना के नदारद थे।
4 घंटे तक तड़पती रही महिला
जानकारी के मुताबिक, 9 अगस्त को ओड़गी ब्लॉक अंतर्गत असना ढोढ़ी निवासी कुंती पंडो (30 साल) को प्रसव पीड़ा होने पर भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था।
गांव की मितानिन के रायपुर में होने के कारण वह अपनी सास इंजोरिया पंडो के साथ हॉस्पिटल पहुंची थी। हॉस्पिटल के प्रसव कक्ष में वह चार घंटे तक तड़पती रही, और फर्श पर बच्चे को जन्म दिया।
जिला स्तरीय समिति की जांच में मिली लापरवाही
कुंती पंडो को चार घंटे तक हॉस्पिटल में न तो नर्स मिले, न ही डॉक्टर। फर्श पर प्रसव के बाद सास इंजोरिया पंडो ने फर्श में फैले खून को भी साफ किया था। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर जिला स्तरीय समिति ने मामले की जांच की।
जिला स्तरीय समिति की जांच में डॉक्टरों की घोर लापरवाही पाई गई। नर्स बिना पूर्व सूचना के मोबाइल बंद कर गायब थी। वहीं ड्यूटी डॉक्टर भी नदारद थी एवं उसका भी मोबाइल बंद था
गिरी कार्रवाई की गाज
जिला स्तरीय जांच समिति ने RHO (महिला) विक्टोरिया केरकेट्टा को मामले में दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ड्यूटी रोस्टर में तैनात संबंधित मेडिकल ऑफिसर डा. आरपी मिंज और स्टाफ नर्स शीला सोरेन के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
सूरजपुर CMHO डॉ. कपिल देव पैकरा ने बताया कि जांच रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है। कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले में उच्च अधिकारियों को तुरंत जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।