छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में  8 नक्सलियों ने सरेंडर किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में  8 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें 6 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल है। सभी पर कुल 30 लाख का इनाम था। इसके अलावा दंतेवाड़ा में भी 21 माओवादियों ने सरेंडर किया है। 21 में से 13 नक्सलियों पर कुल 25 लाख 50 हजार का इनाम घोषित था।

नारायणपुर में सरेंडर करने वालों में डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) और नक्सलियों का डॉक्टर टीम कमांडर सुखलाल शामिल है। इसके साथ ही कंपनी नंबर-1 के सदस्य हिमांशु ने भी सरेंडर किया है। दोनों लंबे समय से अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में एक्टिव थे। सुखलाल पर 8 लाख का इनाम था।

सरेंडर नक्सलियों को दिए गए 50-50 हजार

नारायणपुर में समर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। सभी को 50-50 हजार रुपए का चेक दिया गया है। एसपी रॉबिनसन गुड़िया ने कहा कि यह आत्मसमर्पण अबूझमाड़ में सक्रिय नक्सलियों के बीच बड़ा संदेश देगा और आने वाले दिनों में और भी माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।

दंतेवाड़ा 21 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

दंतेवाड़ा जिले में भी लोन वर्राटू और पूना मारगेम अभियान के तहत 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिसमें 8 लाख का इनामी नक्सली कंपनी 1 सदस्य केये उर्फ केशा लेकाम भी शामिल है। सभी पर टोटल 25 लाख का इनाम घोषित था।

जानिए क्या है लोन वर्राटू अभियान

लोन वर्राटू का मतलब होता है घर वापस आइए। इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस अपने जिलों के ऐसे युवाओं को पुनर्वास करने और समाज की मुख्य धारा में लौटने का संदेश देती है जो नक्सलियों के साथ हो गए हैं।

पुलिस की इस योजना के तहत गांवों में उस इलाके के नक्सलियों की सूची लगाई जाती है और उनसे घर वापस लौटने की अपील की जाती है। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत कृषि उपकरण, वाहन और आजीविका के दूसरे साधन दिए जाते हैं, जिससे वे नक्सल विचारधारा को छोड़कर जीवन यापन कर सकें।