
जानकारी के मुताबिक, सोनू बाबू रेड्डी (26) श्याम नगर में रहता था। जबकि पड़ोस में ही सुधाकर मोहरे अपने परिवार के साथ रहता है। जमानत पर बाहर आया हत्या का आरोपी सोनू चाकू लेकर पड़ोसी के घर पहुंचा।
क्योंकि सुधाकर की पत्नी उसके मर्डर के मामले में गवाह थी। इस दौरान सोनू का सुधाकर और उसके बेटे धन्ना (22) से विवाद हो गया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसे मार डाला।
जमानत पर जेल से बाहर आया, फिर गवाह को धमकाने पहुंचा दरअसल, सोनू बाबू रेड्डी ने 5 साल पहले आपसी रंजिश में मोहल्ले के ही रहने वाले एक युवक की हत्या की थी। इसी मामले में पड़ोसी सुधाकर की पत्नी गवाह थी। जिसके बयान के आधार पर उसे सजा सुनाई गई थी।
जमानत पर बाहर आने के बाद वह शराब के नशे में पड़ोसी के घर पहुंचा था। इस दौरान बाप-बेटे से कहासुनी हो गई।
बाप-बेटे ने पेट पर किया ताबड़तोड़ वार
जो कि हाथापाई में बदल गई और सोनू के हाथ से चाकू छूटकर जमीन पर गिर गया। मौके का फायदा उठाकर बाप-बेटे ने चाकू उठाया और सोनू के पेट पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। जिससे की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लिया। इसके अलावा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।
पुलिस ने कही ये बातें
इस मामले में CSP हेम प्रकाश नायक ने बताया कि सोनू आपराधिक प्रवृत्ति का था। वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हाल ही में हत्या के मामले में जेल से बाहर आया था।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गवाह को डराने के लिए गया था, लेकिन खुद ही वारदात का शिकार हो गया।