“मेरे पति की मौत 2017 में हार्ट अटैक से हो गई। घर में दूसरा कोई शख्स नौकरी पर नहीं है। मैं और मेरे दोनों बच्चे किसी तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। बच्चों को रोज उम्मीद देती हूं कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। तुम लोग अपनी पढ़ाई पर फोकस करो। लेकिन मैं जानती हूं कि कुछ भी ठीक नहीं हो रहा है।
समय निकलता जा रहा है। पहले कांग्रेस ने घुमाया, अब बीजेपी घुमा रही है। 2 दिन पहले भी अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर हम विजय भइया के पास गए थे। उनके लोगों ने हमारी उनसे मुलाकात नहीं कराई। पुलिस वाले जबरदस्ती उठाने लगे, बदसलूकी की। मैंने इसलिए फिनाइल पी लिया।”
ये कहते हुए फिनाइल पीने का अफसोस अश्वनी सोनवानी के चेहरे पर झलकने लगता है। आंखों में आंसू आने लगते हैं, लेकिन अश्वनी खुद को संभला हुआ दिखाने की कोशिश करती है। और आगे कहती हैं बच्चे पूछ रहे थे कि “मैंने ऐसे क्यों किया? मुझे कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता? मेरे पास कोई जवाब नहीं था।”
यहां अश्वनी टूट जाती हैं। आखों से आंसू बहने लगते हैं। साथ बैठी उनकी साथी राजेश्वरी दुबे उन्हें संभालती है। और वही दिलासा देती हैं जो पिछले 8 सालों से वो खुद को भी देती आ रही हैं, “सब कुछ ठीक हो जाएगा।”
2 दिन से एडमिट थीं अश्वनी, अब सेहत ठीक
अश्वनी 2 दिन से मेकाहारा में एडमिट थीं। और अब डिस्चार्ज हो गई हैं। गले में अब भी हल्की जलन है। लेकिन साफ तौर पर कहती हैं कि मैंने और मेरे साथियों ने बहुत इंतजार कर लिया। सरकार को नौकरी देनी ही होगी। हक है हमारा। इसके बाद उठकर सीधे डिप्टी सीएम विजय शर्मा से मिलने निकल जाती हैं।
बेटी बोली- घर में फाइनेंशियल प्रॉब्लम
फिनाइल पीने वाली महिला की बेटी ने कहा था कि ‘मैं और मेरा छोटा भाई मां के साथ पिछले 2 दिन से रायपुर में हैं। घर में फाइनेंशियल प्रॉब्लम है। अब तक ना नौकरी मिली है, ना चुनाव के वक्त वादा करने वाले नेता बात कर रहे हैं। इसी के चलते मां ने फिनायल पी लिया।’