छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे के कोचिंग डिपो में ओएचई तार के करंट की चपेट में आए ठेका मजदूर की मौत के बाद बवाल और तनाव की स्थिति बनी हुई है। परिजन और समाज के लोगों ने डीआरएम ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने भंडारा लगाकर रात भी बिताई। आंदोलन का यह सिलसिला पिछले तीन दिन से जारी है। आंदोलनकारी पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को नौकरी देने समेत बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाने पर अड़े हुए हैं। रेलवे प्रशासन और ठेकेदार ने झाड़ा पल्ला
इस हादसे के बाद से रेलवे प्रशासन और ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। जिससे अपोलो अस्पताल में भर्ती मजदूर प्रताप बर्मन के परिजन परेशान होते रहे। उन्होंने मंगलवार को डीआरएम कार्यालय का घेराव किया, जिसके बाद कोचिंग डिपो में धरना-प्रदर्शन किया।