भिलाई में राइस मिलर सुधाकर के घर पर ED रेड

Chhattisgarh Crimes. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 140 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग घोटाला केस में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने भिलाई के हुडको और तालपुरी इलाके में छापेमारी की है। राइस मिलर सुधाकर राव के घर पर ED की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। राव घोटाले में सहयोगी रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 6 बजे ED की 4 सदस्यों की टीम सुधाकर राव के घर पहुंची है। ED की टीम दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े कागजों की छानबीन कर रही है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद घोटाले में और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। टुटेजा और ढेबर की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सख्ती

 

दरअसल, इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस घोटाले में मुख्य आरोपी रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और रायपुर के होटल कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर ही ED ने भिलाई में छापेमारी की है। जानिए क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?

 

ED ने कस्टम मिलिंग स्कैम में मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी सहित 5 पर FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई। इसमें अफसरों से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल हैं।

 

अलग-अलग राइस मिलर्स नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा कराते थे। इस प्रकिया में भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई। जांच में पता चला है कि एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर लेवी वसूलते और अफसरों को जानकारी देते थे। रुपए नहीं मिलने पर उनका भुगतान रोक दिया जाता था।