
जानकारी के मुताबिक, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ का रहने वाला सुभाष कुमार जनबंधु (40) पिछले 14-15 साल से पाइल्स की बीमारी से जूझ रहा था। वह अपना इलाज ग्राम कांदुल में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू (54) से करवा रहा था। उसने मरीज के परिजनों से 8 हजार रुपए लिए थे। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को 4 महीने बाद गिरफ्तार किया है।
इंजेक्शन लगाने के बाद ब्लीडिंग और पेट फूलने लगा
दरअसल, परिजन 8 मई को सुभाष को इलाज के लिए रेखराम साहू के पास लेकर पहुंचे थे। उसने गुदा द्वार में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए। 9 मई को सुभाष को अचानक ज्यादा ब्लीडिंग और पेट फूलने की समस्या शुरू हो गई। घबराए परिजनों ने रेखराम को कॉल किया। लेकिन उसने टालमटोल करने के बाद मोबाइल बंद कर दिया।
भिलाई के अस्पताल में तोड़ा दम
हालत गंभीर होने पर परिवार ने उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से मरीज की तबीयत बिगड़ने की बात बताई। लगातार ब्लीडिंग और इन्फेक्शन के कारण 11 मई को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने थाने में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
रेखराम के पास नहीं थी डॉक्टरी की डिग्री
शिकायत पर SDOP गुंडरदेही ने जांच की तो सामने आया कि रेखराम साहू की डॉक्टरी डिग्री फर्जी है। उसका छत्तीसगढ़ में कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। जिस पर पुलिस ने धारा 105, छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह, रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12 और छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 के तहत केस दर्ज किया है।