छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी नवनीत तिवारी को EOW ने गिरफ्तार किया है। अवैध कोल लेवी वसूली मामले में आरोपी नवनीत तिवारी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद जज ने आरोपी को EOW की रिमांड पर भेज दिया है।
EOW ने बताया कि नवनीत पर अवैध कोल लेवी वसूली और अवैध धनराशि के निवेश की योजना में संलिप्त आरोपी नवनीत तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी वर्ष 2022 में ED की छापेमारी के बाद से फरार चल रहा था। इस मामले में कोर्ट की ओर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। EOW ने आरोपी को गिरफ्तार कर रायपुर की अदालत में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है।
570 करोड़ से ज्यादा का है कोल स्कैम
ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।
छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।
सूर्यकांत तिवारी है मास्टरमाइंड
इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था।
उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई। ईडी की रेड में पहले आईएएस समीर बिश्नोई फिर कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।