मुख्यमंत्री कन्या विवाह 2023-24 योजना की आड़ में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच के घेरे में महिला एवं बाल विकास विभाग की डौंडी परियोजना स्तरीय क्रय समिति है। जिनकी अनुशंसा के बाद जिले के बजाय जांजगीर की सीमेंट दुकान से 34 जोड़ों के लिए मंगलसूत्र, बिछिया, शृंगार सामग्री खरीदी गई।
बिल वाउचर, कोटेशन अनुशंसा की तारीख में 30 फरवरी 2024 का जिक्र किया गया है। जबकि 2024 में फरवरी माह में सिर्फ 28 दिन था। डौंडी परियोजना की निगरानी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले साल फरवरी माह में सामूहिक विवाह हुआ था।
आरटीआई लगाने के बाद विभाग से ही मिली सूचना के अनुसार सामूहिक विवाह आयोजन में कई गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जिले की बजाय जांजगीर-चांपा के फर्मों से सामग्रियों की सप्लाई दिखाई गई है। कई बिल ऐसे हैं, जिनमें तारीख का उल्लेख ही नहीं है।
सीमेंट की दुकान से शृंगार सामग्री खरीदने की बात भी दस्तावेजों में सामने आई है। योजना के तहत 34 जोड़ों का विवाह फरवरी 2024 में हुआ लेकिन गड़बड़ी का खुलासा डेढ़ साल बाद हुआ। जब डौंडी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) लगाकर जानकारी मांगी।
महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अफसरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही है।
जांजगीर की इस फर्म से इन सामग्रियों की खरीदी हुई
सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराए गए दस्तावेज बिल के अनुसार श्री ज्योति इंटरप्राजेस बुधवारी बाजार जांजगीर चांपा से विवाह के लिए सामग्रियों की खरीदारी की गई है। वहां से 34 सेट मंगलसूत्र बिछिया, श्रृंगार सामग्री जैसे दर्पण, नेलपॉलिश, पावडर, रिबन, लिपिस्टिक, वैवाहिक चुड़ी, बिंदी, सिंदुर, अलता, श्रृंगार बॉक्स, तेल, साबुन, वर-वधु की माला, चप्पल, घड़ी व अन्य सामग्री खरीदी गई है।
कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना डौंडी 2 से श्री ज्योति इंटरप्राजेस को भेजे पत्र में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 19 फरवरी 2024 के माध्यम से परियोजना डौंडी 2 अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या विवाह 2023-24 योजना अंतर्गत आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने कोटेशन दिया गया था। परियोजना स्तरीय क्रय समिति के द्वारा आपके फर्म चयन की अनुशंसा किया गया है। जिसके आधार पर सामग्री का विवरण, संख्या अनुसार उपलब्ध कराने आदेशित किया जा रहा है।
मामला पुराना, जिला अधिकारी नए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हो, यह जांच का विषय होता है। डेट मिस्टेक होने की बातें कह रहे है। सामूहिक विवाह योजना से जुड़े जो दस्तावेज उपलब्ध हुए हैं।
उनकी जांच करवाई जाएगी। यदि किसी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कितनी राशि का भुगतान किस फर्म को किया गया है। इसका उल्लेख नहीं किया गया है। यह सब जांच के बाद क्लीयर हो पाएगा।