
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को गांव के कौशल धीवर अमुरी तालाब में मछलियां छोड़ने गए थे। इसी दौरान उन्हें तालाब में कुछ बड़ा होने का संदेह हुआ। उन्होंने गांव के सरपंच को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने ड्रोन कैमरे की मदद से तालाब में मगरमच्छ होने की पुष्टि की।
मछुआरों की मदद से पकड़ा गया
ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मंगलवार शाम को ही वन विभाग की टीम रेस्क्यू के लिए अमुरी तालाब पहुंची और जाल बिछाया। रात भर मगरमच्छ जाल में नहीं फंसा। बुधवार को टीम ने बड़ी जाल के साथ मछुआरों की मदद ली और मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसकी लंबाई पांच फीट मापी गई।
रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को एशिया के सबसे बड़े अकलतरा स्थित क्रोकोडाइल पार्क में छोड़ा गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मगरमच्छ अमुरी तालाब तक कैसे पहुंचा। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव से होकर गुजरने वाले नाले के रास्ते तालाब में आया होगा।