छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक किसान की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। ऐसे में अब वह पत्नी और दो बेटों के साथ कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया है। साथ ही उन्होंने सामूहिक आत्मदाह की भी चेतावनी दी है।
यह मामला अमलीपदर तहसील के खरीपथरा का है। 48 वर्षीय किसान मुरहा नागेश के मुताबिक, उनकी 7 एकड़ पुश्तैनी जमीन को गांव के कुछ दबंगों ने राजस्व विभाग से मिलीभगत कर अपने नाम करवा लिया। रिकॉर्ड में गलती के कारण यह जमीन दूसरे जगह पर दिखाई जा रही है। ऐसे में दबंगों ने उन्हें जमीन से बेदखल कर दिया है।
तीन किश्तों में करीब 2 लाख रुपए रिश्वत दिया
जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर मुश्किल हो गया है। पिछले दो सालों में बंदोबस्त सुधार के लिए तीन तहसीलदार बदल चुके हैं। पीड़ित की मानें तो उसने तीन किश्तों में अधिकारियों को करीब 2 लाख रुपए का रिश्वत दिया है। हाल ही में अमलीपदर तहसील ने मुरहा के पक्ष में फैसला सुनाया।
एसडीएम कार्यालय ने खेती के काम पर लगाई रोक
लेकिन, विपक्षी पक्ष ने इस आदेश को एसडीएम न्यायालय में चुनौती दे दी है। एसडीएम कार्यालय ने मुरहा के खेती के काम पर रोक लगा दी है। न्याय के लिए वे तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक के चक्कर लगा चुके हैं। वहीं अब परिवार ने कलेक्ट्रेट के सामने लगाए गए बैनर में सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।