
लुटेरों को लगता था, महिला के पास है बहुत सोना-चांदी
दरअसल, 6 अक्टूबर की शाम कोटवार देवबती महार (65) का शव उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घर का दरवाज़ा बाहर से बंद था, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
बालोद पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शक था कि बुजुर्ग महिला के पास बड़ी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी है। उनका मानना था कि लूट की घटना को अंजाम देकर उन्हें लंबे समय तक पर्याप्त पैसा मिल सकता है, और बुजुर्ग की हत्या करना भी आसान होगा।
इसी सोच के चलते दोनों आरोपी महीनों से साजिश रच रहे थे और पहले से ही घर की रेकी कर चुके थे।
दरवाजा खटखटा कर महिला कोटवार को जगाया
2 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी के बाद जब पूरा गांव गहरी नींद में था। रात लगभग 12 बजे दोनों लुटेरे गोलू उर्फ महेंद्र और महेंद्र कुमार साहू छिपते-छिपाते महिला के घर पहुंचे। उन्होंने दरवाजे पर दो-तीन बार खटखटाया। बुजुर्ग महिला जाग गई। जैसे ही वह बाहर निकली। दोनों ने मिलकर उसका मुंह और गला दबा दिया। थोड़ी ही देर में महिला की मौत हो गई। दाहिने हाथ की कलाई काटकर निकाली कंगन
हत्या के बाद आरोपियों ने घर में रखे 24 हजार रुपये नकद, आठ चांदी के पट्टे, एक करधनी, एक अंगूठी, पेन कार्ड, एटीएम कार्ड और हाथ में पहना चांदी का कंगन लूट लिया। दाहिने हाथ में पहना कंगन नहीं निकल पाने पर उन्होंने घर में रखे हंसिए से महिला की कलाई काटकर कंगन निकाल लिया।
लूट के बाद शव के पास बैठकर पी बीड़ी
जांच में यह बात भी सामने आई कि हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद भी दोनों आरोपी बिल्कुल बेखौफ थे। उन्होंने घर में रखी एक चटाई शव के पास बिछाई, वहीं बैठकर बीड़ी पी, और बाद में उसी चटाई से महिला के शव को ढंक दिया।