छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में इन दिनों सड़कों पर आवारा जानवरों का डेरा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में इन दिनों सड़कों पर आवारा जानवरों का डेरा है। चाहे नेशनल हाईवे हो, स्टेट हाईवे हो, आम रास्ता हो या फिर शासकीय कार्यालय। सभी जगह आवारा जानवर मिल जाएंगे। लेकिन मनेंद्रगढ़ की बात करें तो यहां आपको खच्चर, गधा और कुत्ते भी सड़कों और कार्यालयों के सामने बैठे मिल जाएंगे। इन आवारा जानवरों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना होती रहती है। जिसमें राहगीरों के साथ बेजुबान जानवरों की भी मौत हो जाती है।

इस मामले में नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष अनिल प्रजापति ने कहा कि स्थानीय प्रशासन इस पर लगाम लगाने में विफल है। नगर पालिका प्रशासन हो या राजस्व विभाग, सिर्फ बातें करते हैं और धरातल पर कुछ भी नहीं होता। पिछले दिनों मनेंद्रगढ़ एसडीएम लिंगराज सिदार के निर्देश पर अमाखेरवा स्थित गौठान में आवारा जानवरों को रखने के लिए साढ़े तीन लाख की लागत से सेड निर्माण कराया गया था।

वैक्सिनेशन की कोई व्यवस्था नहीं

सेड निर्माण तो हो गया, लेकिन जानवरों को पकड़ने और वैक्सिनेशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई। हाईवे की स्थिति खराब है। कलेक्टर कार्यालय से शहर के अंतिम छोर तक सड़कों पर आवारा मवेशी बैठे रहते हैं। आए दिन सड़क दुर्घटना होती है। आवारा कुत्तों का तो यह हाल है कि लोग सड़क पर चलने डरने लगे हैं। पिछले तीन महीने में सैकड़ों रेबीज की मामले सामने आए हैं।

वर्तमान में आवारा पशुओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं

नगर पालिका के पीआईसी मेंबर दयाशंकर यादव ने बताया कि आवारा पशुओं को रखने के लिए पहले कांजी हाउस की व्यवस्था थी। लेकिन वर्तमान समय में प्रशासन के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। पिछली सरकार में बने गौठान में मवेशियों को रखने की व्यवस्था थी। लेकिन उन मवेशियों के चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसको लेकर बीते दिनों स्थानीय प्रशासन ने राजस्व विभाग, नगर पालिका और पशु औषधालय विभाग की संयुक्त बैठक हुई थी।

नहीं मिला आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए सेफ्टी किट

मीटिंग में फैसला लिया गया था कि सभी पशुओं को गौठान में रखा जाएगी। आवारा कुत्तों को पकड़कर वैक्सिनेशन किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने आज तक यह नहीं बताया गया कि किस फंड से सामान खरीदी जाएगी। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए सेफ्टी किट सहित अन्य सामान की जरूरत होती है। जो आजतक नहीं मिला। पशु पालकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि गाय का दूध निकालकर उसे सड़क पर न छोड़ें।

पशु पालकों को भी होना चाहिए जागरूक

सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने बताया कि आए दिन सड़क दुर्घटना में ड्राइवरों की मौत होती है। सोमवार रात एक बाइक सवार सिरौली से कठौतिया अपनी बहन के घर जा रहा था। इसी दौरान कठौतिया के पास नेशनल हाईवे पर गाय से टकराने के कारण बाइक सवार और दो गायों की मौत हो गई। आवारा मवेशियों के सड़क से हटाने में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ गाय पलकों को जागरूक होने की आवश्यकता है।

मालिकों पर जुर्माने की कार्रवाई हो

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी ने बताया कि वर्तमान समय में शहर के कई क्षेत्रों सड़कों पर आवारा जानवरों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। नगर पालिका प्रशासन को इन पशुओं को पकड़कर मालिकों पर जुर्माने की कार्रवाई करनी चाहिए।