दुर्ग जिले के पोटिया देशी शराब भट्टी हत्या मामले में शुभम रजक उर्फ सन्नी रजक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना 8 मई 2024 की रात करीब 8:30 बजे की है। जब पोटिया देशी शराब भट्टी में प्रमोद साहू की धारदार चाकू से हत्या कर दी गई थी।
मृतक प्रमोद के भांजे नोहर साहू ने पुलगांव थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नोहर के अनुसार, प्रमोद ने उन्हें प्लाई के काम के लिए बुलाया था। काम खत्म होने के बाद प्रमोद ने ‘पार्टी’ के लिए पोटिया शराब भट्ठी चलने का प्रस्ताव रखा।
शराब भट्टी पहुंचने पर प्रमोद अकेले शराब खरीदने अंदर गए, जबकि नोहर, हेल्पर संतोष यादव और पड़ोसी सुखनंदन बाहर इंतजार कर रहे थे। कुछ ही देर बाद प्रमोद ‘मार दिया… मार दिया!’ चिल्लाते हुए बाहर आए और गर्दन पकड़े हुए खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े।
चाकू से गर्दन पर किया वार
घायल प्रमोद ने मौके पर ही बताया कि सन्नी रजक ने पैसे को लेकर छीना-झपटी की और गुस्से में चाकू से उनकी गर्दन पर वार कर दिया। उन्हें तत्काल जेमिनी अस्पताल और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
‘मानवता की पराकाष्ठा को लांघने वाला कृत्य’
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शेख अशरफ की अदालत ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि ‘सिर्फ शराब पिलाने की मामूली बात को लेकर अभियुक्त द्वारा धारदार चाकू से हमला कर हत्या करना मानवता की पराकाष्ठा को लांघने वाला अमानवीय कृत्य है। ऐसे मामले में किसी भी प्रकार की उदारता न्यायोचित नहीं होगी।’
अदालत ने आरोपी के अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा दी। आयुध अधिनियम के तहत उसे दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
18 नवंबर को सुनाए गए इस फैसले में आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोष साबित हुआ। इसके अलावा सन्नी रजक को आयुध अधिनियम की धारा 25(1-ख, ख) व 27 के तहत भी दोषी पाया गया। अदालत ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं में कुल 900 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।