दुर्ग जिले के भिलाई में 19 नवंबर को कार सवार युवक दिनदहाड़े युवती (22 वर्ष) को घर से उठा ले गया था। पुलिस ने दोनों को पति-पत्नी बताया। लेकिन इस मामले में नया मोड़ आ गया है। युवती ने कहा कि आरोपी एक तांत्रिक है। उसने जबरदस्ती आर्य समाज में शादी करवाई। जबकि वह मान्य नहीं है।
युवती ने बताया कि आरोपी उसे किडनैप कर कोंडागांव-दंतेवाड़ा घुमाते रहा, फिर रायपुर ले गया था। जहां से पुलिस दोनों को ढूंढ लाई। लेकिन आरोपी हेमंत अग्रवाल भिलाई-3 थाने से मौका पाकर फरार हो गया। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता के मुताबिक आरोपी घर में समस्या को तंत्र-मंत्र से ठीक करने के बहाने परिवार वालों से जुड़ा। तंत्र-मंत्र के जरिए सम्मोहित कर युवती के अश्लील वीडियो बनाए। धमकी देकर उससे रेप किया। इस दौरान प्रेग्नेंट हुई को गर्भपात भी कराया।
किडनैपिंग की घटना के बाद थाने में परिजनों ने शिकायत की। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को रायपुर से पकड़ा। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता ने पुलिस कर्मियों पर आरोपी को सपोर्ट करने की बात कही है।
गिरफ्तार आरोपी थाने से भागा
युवती के पिता का कहना है कि उनकी बेटी शादीशुदा नहीं है। जबकि पुलिस ने पति-पत्नी का फैमिली मैटर बताते हुए कार्रवाई नहीं की। बल्कि आरोपी का सपोर्ट करती रही। आरोपी थाने से भाग गया और पुलिस ने कुछ नहीं किया।
पीड़िता बोली- आर्य समाज में जबरदस्ती शादी की
युवती ने बताया कि आरोपी हेमंत उसे जबरदस्ती रायपुर लेकर गया था। उस वक्त मेरी उम्र 19 साल की थी। रात के 10 बजे उसने मुझसे आर्य समाज में जबरदस्ती शादी की। वहां जो एक वकील मैडम थी, मैंने उनसे काफी गुजारिश की थी कि ये मुझे किडनैप कर के लाया है, लेकिन मेरी किसी ने नहीं सुनी। मेरी जबरदस्ती आर्य समाज में शादी करवाई गई, जबकि उसकी मान्यता नहीं है।
थाने में बताया, फिर भी नहीं की कार्रवाई
युवती ने बताया कि पहले भी आरोपी से जान बचाकर जैसे-तैसे जामुल थाना पहुंची थी। पुलिस शिकायत भी की थी कि अपनी मर्जी से नहीं गई हूं। मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद वो फिर मेरे घर आकर धमकी देने लगा। बाद में मुझे फिर वो जबरदस्ती रायपुर लेकर चला गया।
अश्लील वीडियो बनाया, वायरल करने की धमकी
युवती ने बताया कि हेमंत अग्रवाल ने उसका अश्लील वीडियो बनाया हुआ है। वह बार-बार उसे वायरल करने की धमकी देता है। 19 नवंबर की सुबह जब वह जबरदस्ती ले गया तो रास्ते भर मारते पीटते रहा।
सुबह यहां से उठाने के बाद दंतेवाड़ा, कोंडागांव लेकर चला गया। कहीं स्टे नहीं किया, केवल रास्ते में ही घुमा रहा था। जब मीडिया में खबरें आने लगी तो और बौखला गया और मुझे मारने पीटने लगा और बयान बदलने के लिए दबाव बनाने लगा।
तंत्र विद्या कर मुझे करता था सम्मोहित
पीड़िता ने बताया कि आरोपी हेमंत तंत्र-मंत्र कर मुझे सम्मोहित करता था। उसके बाद मेरे साथ गलत काम करता था। उसके बैग से बहुत सारी लड़कियों की फोटो थी। वो पहले भी कई लड़कियों को इसी तरह लाकर रखता था।
बाद में मुझे उसने खुद ही बताया कि वो शादीशुदा है, उसका एक बेटा था। उसका तलाक भी नहीं हुआ था। उसकी मां भी इस अपराध उसका पूरा साथ देती थी। पहली पत्नी से एक बार बात हुई थी। उसने भी बताया था कि मैं कोई मदद नहीं कर सकती है। मेरे साथ भी ऐसा ही किया है।
पुलिस अपहरण मानने से करती रही इनकार
युवती के पिता ने बताया कि हम लोग थाने गए तो पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जामुल थाना के टीआई से मिले, उन्हें बताया कि हमारी बेटी का अपहरण हुआ है। लेकिन उन्होंने कहा कि तुम्हारी बेटी शादी-शुदा है। हम खुद से सीसीटीवी फुटेज लेकर गए। बाद में मीडिया के दबाव के बाद शाम को मामला दर्ज किया।
पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की। पुलिस उल्टा आरोपियों को बचाने में लगी रही। सखी सेंटर वालों ने भी हमारी मदद नहीं की। बाद में हमें पता चला कि आरोपी गिरफ्तार होने के बाद थाने से फरार हो गया। इस पूरे प्रकरण में एसएसपी विजय अग्रवाल ने काफी सपोर्ट किया, जिनकी वजह से हमारी बेटी हमें वापस मिल सकी।
पिता को फंसाने दुकान में रखा गांजा
युवती के मुताबिक उसके पिता सेक्टर-6 में चाय-नाश्ते की दुकान चलाते हैं। करीब 2 साल पहले आरोपी और उसकी मां उनके यहां आते-जाते थे। तभी आरोपी ने खुद को तांत्रिक बताते हुए दावा किया कि वह तंत्र साधना के जरिए युवती की बीमारी और परिवार का कर्ज दोनों खत्म कर सकता है। इसी बहाने उसने युवती से भी संपर्क बढ़ाया।
10 अक्टूबर 2023 को आरोपी युवती से मिलने उसके घर पहुंचा था। उस समय घर पर उसके माता-पिता नहीं थे। आरोपी ने इस मौके का फायदा उठाकर युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए।
बाद में आरोपी की मां युवती के माता-पिता से बात करके युवती को अपने साथ रायपुर ले गई। युवती के अनुसार आरोपी करीब 2 सालों तक उसका रेप करता रहा। इस दौरान 2 से 3 बार गर्भपात भी कराया गया।
युवती की शिकायत पर आरोपी हेमंत अग्रवाल के खिलाफ मारपीट, प्रताड़ना और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। युवती के परिजनों ने ये भी आरोप लगाया है कि पिता को फंसाने के लिए आरोपी हेमंत ने ही उनकी दुकान में गांजा रखवाया था। वारदात 7 नवंबर को हुई थी।
सखी सेंटर और पुलिस पर गंभीर आरोप
युवती ने सखी सेंटर और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, सखी सेंटर वालों ने आरोपी को काउंसिलिंग में बुलाया। वहां भी उसने हंगामा किया और सबको धमकी देकर चला गया। जो भी लिखा था वो फाड़ कर चला गया। सखी सेंटर वालों ने उसके खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया।
सखी सेंटर वालों ने आरोपी को पूरा सपोर्ट किया। उसे पूरी जानकारी सखी सेंटर वालों ने ही दी कि हम पुलिस कम्प्लेन करने वाले हैं। सखी सेंटर वाले उल्टा मुझ पर ही दबाव डाल रहे थे कि एक सप्ताह के लिए चली जाओ।
2 पुलिस वाले कर रहे थे सपोर्ट
युवती ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में मुझे केवल एसएसपी विजय अग्रवाल ने ही सपोर्ट किया है। बाकी किसी भी पुलिस वालों ने हमारी कोई मदद नहीं की। मुझे रायपुर से पुलिस ही अपने साथ लेकर आई है। शुरू में हम दोनों को साथ लेकर आए थे, बाद में मुझे अलग कर न्यायालय में पेश किया गया और उसे अलग कर दिया गया।
उसके साथ में जो पुलिस कर्मी थे वो उसे सपोर्ट कर रहे थे। उनका नाम तो नहीं पता। लेकिन अगर पुलिस मेरे मामले में कार्रवाई करती तो मैं इतनी प्रताड़ित नहीं होती और वो तुरंत पकड़ा जाता।