छत्तीसगढ के जगदलपुर में पुलिस ने करीब 10 किलो गांजा और हशीश तेल (लिक्विड गांजा) पकड़ा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ के जगदलपुर में पुलिस ने करीब 10 किलो गांजा और हशीश तेल (लिक्विड गांजा) पकड़ा है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 29 लाख 95 हजार रुपए है। पुलिस ने 2 तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। ये तस्कर ओडिशा से तेल लेकर आए थे। मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को पुलिस ने सूचना के आधार पर तस्करों को सरगीपाल में रेलवे साइडिंग के पास पकड़ा। तस्कर बैग में भरकर गांजा और हशीश तेल हैदराबाद, मुंबई और पुणे लेकर जा रहे थे। ऐसे पकड़ाए तस्कर

 

दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक बाइक से दो युवक अवैध रूप से नशीली पदार्थों से बने तेल की तस्करी कर रहे हैं। बाइक (OD 30 D 6588) के जरिए से ओडिशा के मलकानगिरी से दरभा होते हुए केशलूर पहुंचे हैं। यहां से सरगीपाल की तरफ गए हैं।

 

इसी सूचना के बाद बोधघाट थाना प्रभारी लीलाधर राठौर समेत अन्य जवानों ने चेक पोस्ट लगाया और मुखबिर के बताए अनुसार बाइक को पकड़ा। वहीं बाइक पर 2 युवक सवार थे। पूछताछ में दोनों युवकों ने अपना नाम सीताराम कुलदीप (35) और रामचंद्र माड़ी (21) बताया। ओडिशा के रहने वाले हैं तस्कर

 

ये दोनों ओडिशा के कोरापुट के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनकी तलाशी ली। इनके पास से 10 किलो तेल बरामद किया गया। जिसकी लैब टेस्टिंग के बाद पता चला की ये गांजा और हशीश का तेल है। जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 29 लाख 95 हजार रुपए है। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।

 

दोनों कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। CSP सुमीत कुमार बताया कि ये हैदराबाद में इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। ओडिशा से तेल लाकर अवैध तरीके से बेचते हैं। मुंबई, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में इस तेल की ज्यादा डिमांड है। ये वहीं बेचने जा रहे थे।

 

क्या होता है हशीश तेल ?

 

हशीश तेल (Hash oil) ओलियोरेसिन है, जो की मेरीजुआना और भांग के पौधों का बार-बार निष्कर्षण करके पाया जाता है। यह गहरे रंग का गाढ़ा द्रव होता है जो की हवा के प्रभाव में आने पर और भी गाढ़ा हो जाता है। हशीश तेल कैनाबिस की सबसे अधिक प्रभावी अवस्था होती है। यह अक्सर धूम्रपान, अंतर्ग्रहण और वेपराईसेशन के रूप में ग्रहण किया जाता है।