
बीजापुर SP डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 41 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें पंडरू हपका उर्फ मोहन, बंदी हपका, लक्खू कोरसा, बदरू पुनेम और सुखराम हेमला शामिल हैं। हर एक पर ₹8 लाख (800,000 रुपये) का इनाम था। सरेंडर करने वाले नक्सली PLGA बटालियन नंबर 1 और अलग-अलग कंपनियों के मेंबर हैं।
इनमें ACM, प्लाटून और एरिया कमेटी पार्टी मेंबर, PLGA मेंबर, मिलिशिया प्लाटून कमांडर, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर और मिलिशिया प्लाटून मेंबर शामिल हैं। इनमें जनता सरकार (RPC), DKMS और KAMS के प्रेसिडेंट/वाइस प्रेसिडेंट/मेंबर भी शामिल हैं। हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने की अपील
SP डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सरेंडर करने वालों के परिवार भी चाहते हैं कि वे नॉर्मल ज़िंदगी जिएं और समाज में घुल-मिल जाएं। वे चाहते हैं कि नक्सली अपनी गुमराह करने वाली और हिंसक सोच छोड़कर बिना डरे समाज की मुख्यधारा में लौट आएं।
राज्य सरकार ने इन 41 कैडर के पुनर्वास और समाज में फिर से शामिल होने के लिए ज़रूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत, हर कैडर को इंसेंटिव के तौर पर ₹50,000 की आर्थिक मदद दी गई।
जनवरी से अब तक 528 नक्सली गिरफ्तार
1 जनवरी, 2025 के डेटा के मुताबिक, बीजापुर में कुल 528 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं, 560 मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, और 144 एनकाउंटर में मारे गए हैं। वहीं, 1 जनवरी, 2024 से अब तक 790 माओवादियों ने सरेंडर किया है, 1,031 गिरफ्तार हुए हैं, और 202 मारे गए हैं।