कांग्रेस बोली- सरकार की गौधाम योजना हवाबाजी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गौधाम योजना’ के शुभारंभ से पहले ही इस पर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की इस योजना को ‘हवा-हवाई’ और ‘फर्जी विज्ञापनबाजी’ करार दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की राजनीतिक द्वेष भावना के कारण प्रदेश का पशुधन आज सड़कों पर भूखा-प्यासा भटकने को मजबूर है।

कांग्रेस नेता ठाकुर ने कहा कि सरकार खुद मानती है कि प्रदेश में 1,84,993 से अधिक छुट्टा और घुमंतू मवेशी हैं। लेकिन सवा दो साल में मात्र 11 गौधाम पंजीकृत हुए और केवल 3 बनकर तैयार हुए हैं।

एक गौधाम की क्षमता 200 मवेशियों की है। यानी सिर्फ 600 पशुओं को छत मिली, जबकि 1,84,303 मवेशी अब भी सड़कों पर दुर्घटनाओं और खुली चराई का कारण बन रहे हैं।

कांग्रेस का तंज- गौधाम योजना सिर्फ कागजी

कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार द्वारा निर्धारित चारे की राशि पर तंज कसते हुए इसे ‘हास्यास्पद’ बताया। उन्होंने पूछा कि 10 रुपए प्रतिदिन प्रति पशु में कौन सा चारा मिलेगा और पशु का पेट कैसे भरेगा?

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 1460 गौधाम बनाने का दावा सिर्फ कागजी है और इसके पीछे भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों को सरकारी जमीन पर कब्जा दिलाने की साजिश है।

तालाबंदी ने बिगाड़े हालात

कांग्रेस प्रवक्ता ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार की ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ योजना का बचाव करते हुए कहा, कि कांग्रेस शासन में 10,000 गोठान बने, जिनमें से 7,000 आत्मनिर्भर थे।

भाजपा सरकार ने गोठानों में ताला लगाकर न केवल मवेशियों के साथ अन्याय किया, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों का रोजगार भी छीन लिया। गोठानों के बंद होने से ‘खुली चराई’ बढ़ गई है, जिससे किसान अपनी फसलें नहीं बचा पा रहे हैं।

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