
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इसे सरलीकरण किया जाएगा। साथ ही प्रथम अनुपूरक अनुमान 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को भी स्वीकृति दी गई।छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है। कैसे काम करेगी जिला-स्तरीय समिति
सरेंडर करने वाले नक्सलियों के खिलाफ केस वापस लेने की प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक जिला-स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति सरेंडर करने वाले नक्सली के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के संबंध में पुलिस मुख्यालय को एक रिपोर्ट सौंपेगी।
पुलिस मुख्यालय अपनी सिफारिशों के साथ प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा। कानून विभाग की राय लेने के बाद, सरकार मामलों को कैबिनेट उप-समिति के सामने पेश करेगी। उप-समिति के सुझाए गए मामलों को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
केंद्रीय कानूनों या केंद्र सरकार से संबंधित मामलों के लिए भारत सरकार से जरूरी अनुमति ली जाएगी। अन्य मामलों को अदालत में सरकारी वकील के जरिए केस वापस लेने की कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा। इसके पहले कैबिनेट बैठक में लिए गए थे ये अहम निर्णय
पिछली कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) को मंजूरी दी, जिससे 1 दिसंबर 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 100 से बढ़ाकर 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत बिजली छूट मिलेगी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने के लिए 1 किलोवॉट सोलर प्लांट पर 15,000 रुपए और 2 किलोवॉट या अधिक पर 30,000 रुपए अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी, जो बिजली खपत को शून्य करने में मददगार साबित होगी।
उच्च शिक्षा मजबूत करने को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 और दुकान-स्थापना संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी मिली, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाएंगे और रोजगार सृजन को गति देंगे।