
एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल और सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, 7 नवंबर को होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में अज्ञात व्यक्ति की अधजली लाश मिली थी। टावर डंप से मिले करीब एक हजार नंबरों पर कॉल कर जांच आगे बढ़ाई गई।
16 दिन बाद उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रहने वाले गोपाल कोल (26) के रूप में हुई। वो ट्रक ड्राइवर था। उसका स्थायी ठिकाना भी नहीं था। पुलिस को घटना स्थल से कोई ठोस सुराग नहीं मिला। सभी एंगल पर जांच के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर एसएसपी रजनीश सिंह ने अलग से एक टीम बनाई।
ड्राइवर की पत्नी, पारिवारिक, जमीन में हुई पूछताछ
सीएसपी निमितेश सिंह ने कहा कि, टेक्नालॉजी के इस दौर में पुलिस ने इस मर्डर की जांच हर एंगल पर की। जिसमें मृतक की पत्नी, लव अफेयर से लेकर पारिवारिक और जमीन विवाद के साथ ही ड्राइवर के करीबी समेत सभी पहलुओं की जांच की गई।
लेकिन, पुलिस को निराशा ही हाथ लगी। क्योंकि, मर्डर शराब दुकान के पास हुआ था। लिहाजा, पुलिस अफसरों ने टीम के साथ ही मुखबिर लगाए। शराब दुकान के आसपास ठिकाना बनाकर पुलिसकर्मी सुराग तलाशते रहे। शराबी बनकर रेकी करते रहे कॉन्स्टेबल
इस जांच टीम में सरकंडा और सिविल लाइन के तीन आरक्षक ‘वीरेंद्र सिंह, केशव मार्को और वीरेंद्र साहू’ को शामिल किया गया। उन्हें शराब दुकान के आसपास रेकी करने और शराबियों की गतिविधियों पर नजर रखने का टॉस्क दिया गया। लिहाजा, वो भेष बदलकर शराब दुकानों के आसपास रेकी कर रहे थे।
इसी दौरान बैठकर शराब पी रहे युवकों ने हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की बात कही। जिस पर पुलिस ने मुखबिर लगाकर उसकी जानकारी जुटाई, तब पता चला कि एक युवक के दोस्त अरुण और धनेश ने हत्या की है।
इसी आधार पर पुलिस ने तिफरा के अभिलाषा परिसर निवासी अरुण मानिकपुरी को पकड़ा। पूछताछ में उसने हत्या स्वीकार कर ली। इसके बाद उसका साथी धनेश लोधी उर्फ राजू निवासी यातायात नगर को भी पकड़ लिया गया।