

शासन प्रशासन के द्वारा तीन महीना में काम पूरा कराने के आश्वासन एवं शर्तों के आधार पर तीन घंटा से सड़क जाम,हुआ बहाल
पूरन मेश्राम/मैनपुर।
गरियाबंद जिला के विकासखंड मैनपुर के सुदूर वनांँचल ग्राम पंचायत साहेबिन कछार के सैकड़ो शोषित,पीड़ित,वंचित समुदाय के द्वारा मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के मांग को लेकर आज मंगलवार को सुबह 8:00 बजे से सैकड़ो की संख्या में नेशनल हाईवे मैनपुर देवभोग 130 सी मार्ग बम्हनीझोला के पास चक्का जाम कर दिया गया जो लगभग 3 घंटा तक के सड़क जाम की स्थिति रही सैकड़ो गाड़ियां अवरोध हो गई। सुरक्षा की दृष्टिकोण से भारी पुलिस व्यवस्था मुस्तैद रही। एसडीएम मैनपुर के द्वारा पूरे गतिविधियों की वास्तविक स्थिति वहां पर मौजूद अधिकारियों के साथ बातचीत के द्वारा जानकारी ले रहा था कहीं कोई अनहोनी घटना न घट जाए लेकिन ऐसा कोई स्थिति नहीं आई क्योंकि यह आंदोलन सैद्धांतिक तरीके से हो रही थी। हमारी मांगे पूरी करो,, हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांँगते शासन प्रशासन होश में आओ, होश में आकर काम करो,, नारों से सैकड़ो ग्रामीण जन सड़क जाम कर शासन प्रशासन को सड़क, पानी, बिजली, पुल पुलिया, मोबाइल टावर, स्कूल भवन नही होने के कारण कोस रहे थे। ग्रामीणों का मांँग जायज और नैसर्गिक अधिकार में है। वर्षों से साहेबिन कछार पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा मिले इसके लिए कईयो बार सैद्धांतिक तरीके से शासन प्रशासन को आवेदन, निवेदन, पत्राचार, पदयात्रा, चुनाव बहिष्कार तक के भी कर चुके थे। उसके बावजूद भी अभी तक इस दिशा में शासन प्रशासन के द्वारा सिर्फ और सिर्फ ग्रामीण मुखियाओं को आश्वासन ही दिया जा रहा था। आखिर में पीड़ित ग्रामीण करें तो क्या करें थक हार करके सड़क जाम कर आंदोलन करना पड़ा जिसके लिए ज्ञापन महीनो पहले दिया गया था। इस बार ग्रामीणों को मजबूरी में तीन घंटा सड़क जाम करना पडा़
तब कहीं शासन प्रशासन हरकत में आकर आनन फानन मे एसडीएम डाँ तुलसीदास मरकाम, एसडीओपी ओम प्रकाश कुजूर ,तहसीलदार रमेश कुमार मेहता मैनपुर के द्वारा चक्का जाम करने वाले ग्रामीण मुखियाओं से लगातार मान मनौव्वल करते हुए समझाइश और ठोस तरीके से लिखित आश्वासन देकर तीन महीना के अंदर जिला स्तर के समस्याओं पर समाधान करने का भरोसा दिलाया वही उच्च स्तरीय समस्याओं पर फाइल ऊपर भेज कर समाधान करने का आश्वासन मिला तब कहीं तीन घंटा से सड़क जाम बहाल हो पाया इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व सरपंच रूप सिंह मरकाम, पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह नायक, हरिहर यादव, बैजनाथ नेताम,तीरथ नाग, करण सिंह नाग, सरपंच चैती बाई नायक, हेम बाई, सोमारी बाई, रमूला बाई, धनमती बाई, रोहन मरकाम, दीपक मंडावी, तिलक मरकाम, करण नाग, राधाबाई, कुशल मरकाम, कृष्णा नागेश, खेल सिंह मरकाम कोयबा सरपंच, अरविंद नेताम, जांगड़ा पंचायत उपसरपंच भानु प्रताप सिंह, नाथूराम,पुस्तम माँझी,मयाराम,धनसिंग नागवंशी, मनीराम, लाल सिंह नेताम, उदय राम सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण जन धरना प्रदर्शन एवं चक्का जाम में शामिल रहे। ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम मैनपुर सौपी गई। इस संबंध में आंदोलन के मुखिया रूप सिंह मरकाम, अर्जुन सिंह नायक, तीरथ नाग,हरिहर यादव ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि हमारे आंदोलन सैद्धांतिक तरीके से वर्षों से चली आ रही है हमने अपने हक अधिकार को लेकर शासन प्रशासन को अवगत कराते थक हार चुके मजबूरी में सड़क जाम किए हैं। शासन प्रशासन के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि तीन महीना के अंदर हमारी मांँगे पूरी होगी नहीं होने की स्थिति में हजारों की संख्या में उसी स्थान पर फिर से सड़क जाम करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी और जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।