
को जब ड्रोन फेल हुआ तब टाइगर रिजर्व के एसडीओ द्वारा जान पर खेल कर घायल तेंदुए को रस्सी के जाल में पकडा
*घने झाड़ियों में छिपे होने से ड्रोन की उपयोगिता फेल*
एंटी पोचिंग टीम के नोडल अधिकारी एसडीओ गोपाल कश्यप ने अकेले जाल लेकर तेंदुए के ऊपर फेंक कर दबोचा अन्यथा ग्रामीण एवं बच्चों पर कर सकता था हमला,उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोंचिंग टीम ने जंगल सफारी के डॉक्टर जय किशोर जड़िया एवं कोकड़ी ग्राम के ग्रामीणों की मदद से किया शिकारी के फंदे में फँसे तेंदुए का सफल रेस्क्यू
तड़के सुबह 4:00 बजे जंगल सफारी के अस्पताल में पहुंँचाया गया
तेंदुए के गले में फंँसे थे दो क्लच वायर फंँदे लगभग
7 दिनो से घायल होने की वजह से कोकडी ग्राम के कुत्ते का किया था शिकार आसान शिकार की तलाश में ग्रामीण एवं बच्चों पर था हमले का खतरा
अवैध शिकार से घायल वन्य प्राणी कर रहे ग्रामीणों पर हमले,विगत 7 दिनों में 19 शिकारी गिरफ्तार, सांभर का शिकार, मयूर को कैद में रखने, जंगल में आग लगाने के प्रकरण फंदे लगाने वाले शिकारी की सूचना देने एवं पकड़वाने पर 5000 से ₹10000 का गोपनीय पुरस्कार,डीएफओ वरुण जैन का मोबाइल नंबर 7568127875 मे सीधे संपर्क करने की सलाह
मात्र 35% स्टाफ सदस्य और गाड़ियों की कमी के बावजूद भी टाइगर रिजर्व की टीम एक्शन मोड में
अवैध शिकार वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण पर भी चलेगा बुलडोजर
विगत 3 वर्षों में 750 हेक्टेयर अतिक्रमण भूमि मुक्त 500 से ज्यादा शिकारी तस्कर अतिक्रमणकारी गिरफ्त में दिनांक 25/12/ 2025 दिन गुरूवार को तौरेंगा बफर के ग्राम कोकड़ी से दोपहर 2:00 बजे सूचना प्राप्त हुई कि एक तेंदुआ बस्ती के बेहद करीब आ रहा है एवं झाड़ियां में छिपकर बैठा है। सहायक संचालक उदंती मैनपुर गोपाल कश्यप के द्वारा तत्काल एक्शन मोड में आते हुए ड्रोन एवं एंटी पोचिंग टीम को मौके पर बुलाया ड्रोन की मदद से तेंदुआ का वीडियो लिया गया जिसमें उसके गले पर गहरा घाव नजर आया एवं गंभीर रूप से घायल पाया गया 170 किलोमीटर दूर जंगल सफारी से टीम आने तक ग्रामीणो की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए अंधेरा होने से पहले ही एसडीओ गोपाल कश्यप ने तेंदुए को रस्सी के जाल में पकड़कर रेस्क्यू किया जिस दौरान तेन्दूए ने उन पर हमला भी किया इसके बाद स्थानीय ग्रामीण एवं वन बल की मदद से तेंदुए को गजराज वाहन में रखे पिंजरे में बंद किया गया एवं आबादी से दूर स्थित तौरेंगा रेस्ट हाउस लाया गया जहां डॉक्टर जय किशोर जड़िया सहायक रमाकांत एवं उनकी टीम ने रात 8:00 बजे पहुंँच कर तेंदुए को बेहोश कर गले से दोनों फंदे निकाले एवं ड्रिप चढ़ाकर इलाज किया जिससे तेन्दूए को राहत मिली।