
कई सामाजिक संगठन हुए शामिल
रैली के माध्यम से हिंदू समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा का संदेश दिया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया।
इसी क्रम में जिला मुख्यालय दुर्ग के पुराना बस स्टैंड में शाम 4 बजे पुतला दहन और प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चरण दास की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया था।
कट्टरपंथी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कट्टरपंथी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुतला दहन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। दोनों कार्यक्रमों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था अलर्ट पर रही। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।