छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आमाबेड़ा क्षेत्र के पुसागांव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के धर्म परिवर्तन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण एकजुट होकर कार्यकर्ता को पद से हटाने या तुरंत मूल धर्म में वापस लौटने की मांग कर रहे हैं। पुसागांव में स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। ग्रामीणों द्वारा आयोजित विरोध बैठक और बढ़ते तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण के लिए रवाना किए गए हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि बातचीत के जरिए मामले को शांत कराया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को हटाने की मांग की

 

ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने अपना मूल धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपना लिया है, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कार्यकर्ता को उसके पद से नहीं हटाया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।

 

भैसमुंडी में भी ऐसा ही मामला

 

विकासखंड नरहरपुर के ग्राम पंचायत रिसेवाड़ा के आश्रित ग्राम भैसमुंडी में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। वहां पिछले महीनेभर से अभिभावक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना बंद कर चुके हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने कलेक्टोरेट पहुंचकर कार्यकर्ता को हटाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। हालांकि, प्रशासनिक अमले की ओर से अब तक इस पर कोई पहल नहीं की गई है।