
उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। 2 जनवरी को पसान थाने से पीड़ित परिवार को बुलाया गया। जब वे थाने पहुंचे, तो उन्हें दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के बाद बयान दर्ज कराने के लिए कटघोरा न्यायालय चलने को कहा गया। घर पहुंचने के बाद नाबालिग का चौंकाने वाला खुलासा
परिजन वाहन में बैठे, जिसके बाद नाबालिग भी वाहन में बैठी और परिजनों को उसके मिलने की जानकारी हुई। हालांकि, किसी कारणवश कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिसकर्मियों ने नाबालिग को परिजनों के साथ घर लौटने की सलाह दी। घर पहुंचने के बाद नाबालिग ने परिजनों को चौंकाने वाली जानकारी दी।
एसआई और आरक्षण ने पैसे-बकरे मांगे
उसने बताया कि एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने शनि से 10 हजार रुपए लिए हैं और एक बकरे की भी मांग की है। नाबालिग ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों ने उससे कहा था कि बयान दर्ज कराने के बाद वह शनि के साथ जा सकती है। यह बात उसके दिमाग में बैठ गई और वह करीब आधे घंटे बाद ही परिजनों को बिना बताए कहीं चली गई।
मामला रफा-दफा करने के लिए की गई डिमांड
शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि पसान थाने के एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने आरोपी युवक से 10,000 रुपए कैश लिए और एक बकरे की मांग की। परिजनों का आरोप है कि यह सौदेबाजी बयान दर्ज कराने और मामले को रफा-दफा करने के लिए की गई थी।जांच के बाद होगी कार्रवाई- ASP
इस मामले पर एडिशनल नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।