
वायरल वीडियो में स्कूल परिसर और कक्षा कक्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
स्कूल की अनुशासन व्यवस्था पर उठे सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने स्कूल की अनुशासन व्यवस्था, शिक्षकों की निगरानी और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर चिंता व्यक्त की है।
उनका कहना है कि शैक्षणिक वातावरण में ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के नैतिक और शैक्षणिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। मामले की जांच में जुटा प्रबंधन
जानकारी के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सभी छात्र 11वीं में पढ़ते हैं, अलग-अलग सब्जेक्ट के छात्र हैं। संबंधित छात्रों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि छात्रों के पास स्कूल परिसर में मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और घटना के समय शिक्षक कहां थे।
कड़ी कार्रवाई करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और विद्यालयों के शैक्षणिक और अनुशासित माहौल को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।