
बैठक में शहर के चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, उद्यान विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके साथ ही निगम के आंतरिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एजेंडा तय किया जाएगा, ताकि कार्यप्रणाली में गति और पारदर्शिता लाई जा सके। सेटअप डिमांड को लेकर चर्चा
इस बैठक का सबसे अहम मुद्दा नई सेटअप डिमांड को लेकर होने वाली चर्चा है। राज्य शासन ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों से नई सेटअप के लिए डिमांड भेजने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत नगर निगम रायपुर भी अपने प्रस्ताव तैयार करेगा।
बैठक में इस बात पर मंथन होगा कि निगम को किन-किन क्षेत्रों में नए कार्यालयों, नए प्रोजेक्ट्स, नए पदों और नई प्रशासनिक प्रणाली की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, नई सेटअप डिमांड में निगम के अलग-अलग विभागों के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग, आधुनिक आईटी सिस्टम, ई-गवर्नेंस से जुड़े संसाधन, नए भवन और आवश्यक उपकरणों को शामिल किया जा सकता है।
इसके अलावा शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार को ध्यान में रखते हुए नए जोन कार्यालय, तकनीकी पदों और फील्ड स्टाफ की जरूरत पर भी चर्चा होने की संभावना है। बजट की होगी चर्चा
बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि प्रस्तावित नई व्यवस्था के लिए कितना बजट आवश्यक होगा और इसे किस तरह चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
निगम प्रशासन का मानना है कि नई सेटअप मिलने से न केवल कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
महापौर और एमआईसी सदस्यों की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके निर्णयों के आधार पर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही नई सेटअप पर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।