छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रशासन ने 4 राइस मिल में छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रशासन ने 4 राइस मिल में छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने चारों राइस मिल को सील कर दिया है। जांच में 4504 क्विंटल धान गायब मिला।

आशंका जताई जा रही है कस्टम मिलिंग के धान में अफरातफरी कर उसे रिसाइकलिंग करने के लिए हेराफेरी की गई है। प्रशासन ने चारों राइस मिल से 39.66 करोड़ रुपए मूल्य का धान जब्त किया है।

बिलासपुर जिले के दो राइस मिल में कस्टम मिलिंग के धान में अफरा तफरी करने की जानकारी मिली थी, जिस पर जिला प्रशासन की टीम ने कोटा के हरिकिशन फूड राइस मिल और बिल्हा के गायत्री फूड की जांच की।

यहां क्रमशः 2890 क्विंटल और 3152 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत 89 लाख 62 हजार रुपए है। वहीं, दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया गया, जिसकी कीमत 14 करोड़ 33 लाख रुपए आंकी गई।

तखतपुर के 2 राइस मिल को किया सील

इसी तरह गुरुवार (15 जनवरी) को तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी के नेतृत्व में तखतपुर से लगे ग्राम खपरी स्थित रघुबीर राइस मिल और बालकृष्ण फूड्स की जांच की गई। जांच में वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 और पूर्व खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान उठाए गए धान का भौतिक सत्यापन किया गया।

जांच में सामने आया कि राइस मिलर द्वारा कुल 2 लाख 42 हजार 158 बोरी (96 हजार 863 क्विंटल) धान उठाया गया था, जबकि मौके पर मात्र 2 लाख 30 हजार 897 बोरी (92 हजार 358 क्विंटल) धान ही उपलब्ध पाया गया।

इस तरह मिल परिसर में 4504 क्विंटल धान नहीं मिला। अनियमितता पाए जाने पर मिल संचालक बालकिशन अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन में कार्रवाई की गई।

मौके पर उपलब्ध 2 लाख 4 हजार 35 बोरी (81 हजार 614 क्विंटल) धान को जब्त कर लिया गया और रघुबीर राइस मिल तथा बालकृष्ण फूड्स राइस मिल को सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार जब्त धान की कुल कीमत 25 करोड़ 30 लाख 3 हजार 400 रुपए आंकी गई है।

जीपीएस से खुल रही पोल, मिलों को किया जा रहा सील

धान परिवहन पर जीपीएस के जरिए निगरानी की जा रही है। इस प्रणाली से राइस मिलों में हो रही गड़बड़ियों की लगातार पोल खुल रही है। ट्रकों की रियल-टाइम ट्रैकिंग में तय रूट से अलग जाने, क्षमता से अधिक लोड और लंबे समय तक एक ही स्थान पर वाहनों के खड़े रहने की जानकारी सामने आ रही है।

इन्हीं अलर्ट के आधार पर प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें धान मिलिंग और भंडारण में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। इसके चलते जिले में पिछले तीन दिनों के भीतर चार राइस मिलों को सील किया गया है। फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि धान के परिवहन और रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले मिलरों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

धान गायब कर रिसाइकिलिंग की आशंका

अफसरों को आशंका है कि कस्टम मिलिंग के तहत राइस मिलरों को धान का उठाव करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो संग्रहण केंद्रों से धान का उठाव कर राइस मिल में भंडारण कर रहे हैं।

लेकिन, आर्थिक लाभ लेने और सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए राइस मिल से धान गायब कर उसे दोबारा धान खरीदी केंद्रों में खपाकर रिसाइकिलिंग करने की आशंका है, जिसके तहत मिल से धान गायब करने का खेल चल रहा है।

इस तरह की अनियमितता पर जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। साथ ही सख्ती से कार्रवाई भी की जा रही है।

अब तक 39.66 करोड़ रुपए का धान जब्त

प्रशासन ने दो राइस मिलों में दबिश देकर धान जब्त किया और मिलों को सील किया। कोटा के हरिकिशन फूड राइस मिल और बिल्हा के गायत्री फूड में क्रमशः 2890 क्विंटल और 3152 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत 89 लाख 62 हजार रुपए है।

वहीं, दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया गया, जिसकी कीमत 14 करोड़ 33 लाख रुपए आंकी गई। जिसके बाद 25 करोड़ 30 लाख 3 हजार 400 रुपए का धान जब्त किया गया। इस तरह अब तक कुल 39.66 करोड़ रुपए का धान जब्त किया गया है।