
दरअसल, दुर्ग नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 भूपेंद्र गोइर ने एडवोकेट संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कर्मचारी ने याचिका के साथ वॉट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट हाईकोर्ट में पेश किए हैं।
जिसमें निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल ने कर्मचारी से कई बार निजी फरमाइश की, इसमें लाल अंगूर, सेब, संतरा समेत कई फल, 10 किलो जवा फूल चावल, मूवी की कार्नर सीट की दो टिकट, गैस सिलेंडर, बंगले के लिए एसी समेत कई मांग की। इसके अलावा एमआईसी को स्थगित करने पर भी सवाल पूछे।
इसके अलावा एमआईसी की बैठक कैंसिल करने को लेकर भी कर्मचारी से सलाह मांगी। वहीं एक कर्मचारी के संबंध में लिखा गया कि उसको समझा देना, नहीं तो हटा दूंगा। डिमांड पूरी नहीं करने पर किया सस्पेंड
याचिकाकर्ता कर्मचारी ने बताया कि उसकी नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी। फिर 2019 में प्रमोशन देकर उसे सहायक ग्रेड-3 बनाया गया। 31 जुलाई 2025 को कमिश्नर ने उसे कुछ नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया।
उस पर आरोप है कि प्यून नम्रता रक्सेल और सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की नियुक्ति और सहायक लेखा अधिकारी रमेश कुमार शर्मा की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी। जिसका उसने जवाब दिया।
इसके बाद 7 अगस्त 2025 को उसे निलंबित कर दिया गया। जिसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को पेश जांच रिपोर्ट में उसे बर्खास्त करने की तैयारी कर ली गई थी।