छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा शामिल है। दूसरे नक्सली की पहचान नहीं हुई है। जवानों ने एनकाउंटर स्पॉट से दोनों नक्सलियों के शव और 2 AK-47 बरामद कर लिए हैं।

जानकारी के मुताबिक जिस इलाके में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हो रही है, वह खूंखार नक्सली पापाराव का इलाका है। पापाराव नेशनल पार्क क्षेत्र का इंचार्ज है। पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य है। अगर पापाराव मारा गया तो DKSZCM कैडर खत्म हो जाएगा।

अब सिलसिलेवार पढ़िए नक्सल एनकाउंटर की कहानी

दरअसल, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर के बीजापुर नेशनल पार्क इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद फोर्स को रवाना किया गया था।डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे।

इसी दौरान डीआरजी के जवानों का नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा और उसका साथी मारा गया। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश जारी है।वहीं बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डेढ़ साल में 23 बड़े नक्सली मारे गए

डेढ़ साल में कुल 23 बड़े नक्सली मारे गए हैं। इनमें सबसे खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा, नक्सल संगठन सचिव बसवाराजू, गणेश उइके सहित 16 बड़े नक्सली शामिल हैं। भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हथियार डाल दिए हैं।

अब केवल पोलित ब्यूरो मेंबर देवजी, मिशिर बेसरा और गणपति तीन शीर्ष नक्सली बचे हैं, जो संगठन चला रहे हैं। बस्तर में पापाराव और देवा अपनी जान बचाने के लिए अब भी जंगल में घूम रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।