जांजगीर-चांपा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी पर मुख्य लिपिक से अभद्र व्यवहार, अपमान और धमकी देने का आरोप लगा है। इस मामले में लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 जनवरी को सुबह 11:00 से 11:15 बजे के बीच सीएमएचओ के कार्यालय कक्ष में हुई। उस समय डॉ. अनीता श्रीवास्तव भी वहां मौजूद थीं। आरोप है कि उत्कर्ष तिवारी ने मुख्य लिपिक पुरुषोत्तम लाल साहू के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
निराधार आरोप और धमकी का आरोप
उन पर निराधार आरोप लगाए और अपनी “ऊंची पहुंच” का हवाला देते हुए धमकी दी। इस घटना से आहत मुख्य लिपिक पुरुषोत्तम लाल साहू ने कर्मचारी संघ को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने अपनी शिकायत में आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख किया है। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।होगी।
पहले भी विवादों में रहा है नाम
कर्मचारी संघ ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। संघ का आरोप है कि उत्कर्ष तिवारी पहले भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ऐसा ही व्यवहार कर चुके हैं। इसी वजह से उन्हें बिलासपुर और मुंगेली जिलों से हटाया गया था, लेकिन उनके आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
संघ ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की प्रशासनिक जांच कराने और संविदा सिविल सेवा आचरण नियम के तहत 15 दिनों के भीतर सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की