
मामला नारायणपुर थाना क्षेत्र का है। अफसर की भतीजी मीनल निकुंज ने बॉयफ्रेंड और साथियों के साथ मिलकर 15 लाख कैश, करीब 4 किलो सोने की चोरी की थी। इन पैसों से अय्याशी की खी। आईफोन और कार भी खरीदी थी। उसने पहले आईफोन खरीदने के लिए 2 लाख चुराए, फिर बर्थडे पार्टी के लिए 3 लाख चुराए।
इसके बाद अफसर की भतीजी आखिरी बार पूरा सूटकेस ही चुराकर ले आई थी। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन अभी भी चार आरोपी अविनाश राम प्रधान (27), घनश्याम प्रधान (29), अनमोल भगत (25) और विजय बसंत बड़ाईक (39) फरार हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 6 दिसंबर 2025 को DTO विजय कुमार की पत्नी सुषमा निकुंज (52) ने नारायणपुर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को बताया कि उनका पुराना पैतृक घर केराडीह में है, जबकि वे वर्तमान में पति और भतीजे के साथ जशपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के शासकीय क्वार्टर में रहती हैं।
सुषमा निकुंज ने बताया कि जब वे अपने पुराने घर पहुंचीं। मुख्य दरवाजा खोला, तो अंदर के कमरे का कुंडा टूटा हुआ था। दीवान में रखी अटैची से करीब 15 लाख रुपए कैश, सोने का सिक्का और जेवरात गायब थे। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई।
शक की सुई भतीजी पर जाकर ठहर गई
जांच के दौरान पता चला कि कुछ दिन पहले ही DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज घर की साफ-सफाई के लिए वहां आई थी। मीनल निकुंज 2024 से जशपुर में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। FIR की खबर लगते ही मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ फरार हो गई।
DTO विजय कुमार की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस लगातार मीनल निकुंज को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी बीच पता चला कि मीनल निकुंज अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के साथ झारखंड के रांची में एक होटल में ठहरी हुई। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने मीनल और अनिल होटल से गिरफ्तार किया।
पुलिस को गुमराह किया, फिर उगल दिए सारे राज
पुलिस ने DTO विजय कुमार की भतीजी मीनल निकुंज से पूछताछ की। मीनल ने पहले पुलिस को गुमराह किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर सच उगल दिया। मिनल ने स्वीकार किया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के उकसावे पर अपने ही बड़े पिताजी के घर में चोरी की।
आईफोन से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला
मीनल निकुंज ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती अनिल प्रधान से हुई, जो जशपुर में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करता था। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में रहने लगे, लेकिन वह ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहती थी। आईफोन लेना चाह रही थी।
इसी बीच मीनल अप्रैल 2025 में अपने गांव केराडीह गई, तो सफाई के दौरान उसे कमरे में दीवान के अंदर एक अटैची मिली, जिसमें भारी मात्रा में नकदी रखी थी। यहीं से अपराध की नींव पड़ी। आईफोन खरीदने के लिए उसने पहली बार 2 लाख रुपए चुपचाप निकाल लिए।