छत्तीसगढ़ के धमतरी में ऑटो ओनर्स एसोसिएशन ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी में ऑटो ओनर्स एसोसिएशन ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। 100 से अधिक ऑटो चालकों ने शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर से मुलाकात न होने पर चालकों ने कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर विरोध जताया। यह प्रदर्शन धमतरी जिले में ऑटो ओनर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। चालकों ने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक एक ऑटो रैली निकाली, जिसमें 100 से अधिक ऑटो की लंबी कतारें देखी गईं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि ई-रिक्शा चालक मनमानी दरों पर किराया वसूल रहे हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। फिटनेस जांच और चालान को लेकर ऑटो चालकों ने जताई नाराजगी

 

एसोसिएशन की मुख्य मांगों में से एक यह है कि धमतरी में आरटीओ कार्यालय होने के बावजूद ऑटो चालकों को फिटनेस जांच के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कार्यवाहक अध्यक्ष साहिल अहमद ने परिवहन विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑटो का लगातार चालान काटा जा रहा है, जबकि ई-रिक्शा पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

 

मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी

 

साहिल अहमद ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ‘होश में आने’ की चेतावनी दी और कहा कि यदि वे स्थिति नहीं संभाल सकते तो उन्हें दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए। उनकी सात सूत्रीय मांगों में ई-रिक्शा के लिए फिटनेस, परमिट और लाइसेंस अनिवार्य करना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बस स्टैंड पर खुलेआम शराब और गांजा बिकने, तथा शहर में चाकूबाजी की घटनाओं में वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि अग्निवीर भर्ती के दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बस स्टैंड से इंडोर स्टेडियम का किराया 20 रुपए और अंबेडकर चौक से 10 रुपए निर्धारित है, लेकिन यात्रियों से क्रमशः 50 रुपए और 20 रुपए लिए जा रहे हैं। ऑटो चालकों की प्रमुख मांग है कि सड़कों पर ई-रिक्शा का संचालन बंद किया जाए।