
सरगुजा सहित छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों एवं अन्य प्रदेशों में आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा द्वारा वर्षों से सट्टा गिरोह का संचालन किया जा रहा था। 13 मई 2024 को अंबिकापुर सीएसपी की टीम ने जयस्तंभ चौक के पास एक घर में सट्टा का संचालन पकड़ा था।
सटोरिये आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा, शुभम केशरी एवं साथियों द्वारा स्काई एक्सचेंज का लिंक भेजकर आईपीएल मैच गुजरात टाइटंस व कोलकाता किंग राइडर्स के बीच चल रहे टी-20 मैच में ऑनलाइन सट्टा का संचालन किया जा रहा था।
करोड़ों का ट्रांजैक्शन, दो सालों से फरार था आरोपी पुलिस ने मामले में ऋतिक मंदिलवार, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा, एवं ध्रवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी, सत्यम केशरी को गिरफ्तार कर उनके पास से कई पासबुक, एटीएम कार्ड, सट्टा संचालित करने का ब्यौरा, जब्त किया था। मुख्य आरोपी आयुष सिन्हा भाग निकला था। सभी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई थी।
आरोपियों द्वारा अन्य लोगों का आधार कार्ड लेकर फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खुलवाकर उसका उपयोग सट्टा खेलने व रकम लेन-देन हेतु उपयोग करना पाए जाने से प्रकरण में धारा 467, 468, 471, 120 (बी), भा.द.वि. एवं 66(सी) 66(डी) आईटी एक्ट का अपराध दर्ज किया था। कोर्ट से आयुष सिन्हा को भगोड़ा घोषित किया गया था।
पुणे में छिपकर रह रहा था सरगना, गिरफ्तार फरार मुख्य सटोरिये की खोजबीन के लिए सरगुजा एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा निर्देश दिया गया था। एसपी ने अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल एवं साइबर सेल पुलिस टीम व थाना कोतवाली पुलिस टीम की एक संयुक्त टीम का गठन किया था।
साइबर सेल ने आयुष सिन्हा का लोकेशन ट्रेस किया जो महाराष्ट्र, पुणे में मिला। सीएसपी राहुल बंसल की टीम पुणे पहुंची और आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा को हिरासत में लिया। पुलिस उसे लेकर अंबिकापुर पहुंची। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा की टीम सक्रिय रही।