
किसानों का आरोप है कि 12 जनवरी को तहसीलदार कावेरी मुखर्जी से हुई चर्चा में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि खरीदी की लिमिट बढ़ने पर टोकन की समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके बाद किसानों ने खरीदी केंद्र के रजिस्टर में अपने नाम दर्ज कराए थे। हालांकि, लिमिट बढ़ने के बावजूद रजिस्टर में दर्ज किसानों के टोकन क्रमवार नहीं कट पाए, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया।
आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त
मौके पर पहुंचीं तहसीलदार कावेरी मुखर्जी ने बताया कि राजपुर धान खरीदी केंद्र की लिमिट बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर पुनः प्रस्ताव भेजा जा रहा है। राजपुर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि रजिस्टर में दर्ज किसानों के टोकन क्रमवार काटे जाएंगे और धान खरीदी केंद्र में सहयोग के लिए पुलिस प्रतिनिधि तैनात किया जाएगा।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि समय पर धान की खरीदी नहीं होती है, तो उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि या तो उनका धान खरीदा जाए या उनका कर्ज माफ किया जाए।
कांग्रेस की समर्थन मिला
बता दें है कि इससे पहले भी 19 दिसंबर को चक्का जाम और 5 जनवरी को किसानों द्वारा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया जा चुका है। चक्का जाम की सूचना मिलने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नीरज तिवारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया।
बलरामपुर में कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान
बलरामपुर-रामानुजगंज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने केरता मंडल में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान मनरेगा कानून को कमजोर करने की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में शुरू किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों और किसानों को मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार, मजदूरी और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
वक्ताओं ने मनरेगा को ग्रामीण गरीबों के सम्मानजनक जीवन का आधार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के बजट में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और काम के अवसरों में कमी ग्रामीण जनता के साथ अन्याय है।
कांग्रेस पार्टी ने इन नीतियों के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देगी।
इसका लक्ष्य रोजगार की गारंटी को मजबूत करने के लिए जनआंदोलन खड़ा करना है। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने भी मनरेगा को बचाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।कांग्रेस पार्टी ने गरीब, मजदूर और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के जिलाध्यक्ष हरिहर यादव, ब्लॉक अध्यक्ष समीर सिंह देव, प्रदेश सचिव रामदेव जगते, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजीत चौबे, छोटू बंगाली दादा, सुनील गुप्ता, अरुण और केरता मंडल अध्यक्ष बुद्धदेव उपस्थित रहे।