छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कई शराब दुकानें आबादी वाले क्षेत्रों के बीच संचालित हो रही

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कई शराब दुकानें आबादी वाले क्षेत्रों के बीच संचालित हो रही हैं। इससे स्थानीय लोगों का आना-जाना तक मुश्किल हो गया है। गोवर्धनपुर रोड स्थित कंगालू डिपा में चल रही शराब दुकान से क्षेत्रवासी खासे परेशान हैं। लोगों ने आबकारी विभाग में आवेदन देकर दुकान को हटाने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब शराब दुकान शुरू हुई थी, तब सामने खाली मैदान था, लेकिन अब जमीन मालिक ने वहां बाउंड्रीवाल बना दी है। इसके बाद मोहल्ले में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता बचा है, जो सीधे शराब दुकान के सामने से गुजरता है।

इस स्थिति में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को रोज उसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि नशे में धुत व्यक्ति अक्सर गाली-गलौज करते हैं, जिससे खासकर महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं।

देर रात तक लगे रहता है जमघट

क्षेत्रवासियों के अनुसार देर रात तक शराब दुकान के पास लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिसका बच्चों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है।

7 जून 2026 को जनदर्शन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर को आवेदन दिया गया था। इसके अलावा 13 मई 2025 को जिला आबकारी अधिकारी को भी लिखित शिकायत सौंपी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शराब दुकान नहीं हटने पर होगा प्रदर्शन

मोहल्लेवासियों ने मांग की है कि बोईरदादर कंगालू डिपा क्षेत्र की शराब दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। चेतावनी दी गई है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 1 अप्रैल से धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

पहले भी दिए जा चुके हैं आवेदन

क्षेत्र में रहने वाली रंग बाई ने बताया कि शराब दुकान हटाने के लिए कई बार अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है। इस बार अधिकारियों ने दो सप्ताह का समय दिया है। पिछले 5-6 साल से दुकान संचालित हो रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

आवागमन में बढ़ी परेशानी

सरिता मिरी ने बताया कि शराब भट्टी की समस्या को लेकर आबकारी विभाग पहुंचे हैं। शराब दुकान के कारण बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि इस बार भी समाधान नहीं मिला, तो दोबारा आएंगे और प्रयास जारी रखेंगे। अब तक तीन बार आवेदन दे चुके हैं।

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