दुर्ग जिले के भिलाई स्थित हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी में जीएसटी विभाग की टीम की कार्रवाई रही

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले के भिलाई स्थित हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी में जीएसटी विभाग की टीम की कार्रवाई मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। देर रात तक कार्रवाई होती रही।

भिलाई के लाइट इंडस्ट्रियल एरिया कंपनी परिसर में विभाग के अधिकारी बीते पांच सालों से जुड़े स्टॉक, प्रोडक्शन और आयात-निर्यात से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।

टैक्स चोरी की आशंका के चलते शुरू की गई इस कार्रवाई में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कंपनी में कुल तीन डायरेक्टर हैं, जिनमें संदीप अग्रवाल, संतोष अग्रवाल और भगवानदास अग्रवाल शामिल हैं। वहीं बताया जा रहा है कि यह कंपनी पूर्व साडा अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल के परिवार से जुड़ी हुई है।

हालांकि कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि वो कंपनी में नहीं आते हैं। जीएसटी विभाग की 7 से 8 अधिकारियों की टीम सोमवार शाम करीब 4 बजे कंपनी में जांच के लिए पहुंची थी। इसके बाद से लगातार दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और दूसरे दिन भी कार्रवाई देर रात तक चलती रही।

बिल, रिटर्न और इनवाइस की जांच

विभागीय अधिकारी कंपनी के बिल, जीएसटी रिटर्न, इनवाइस समेत अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रहे हैं। खास तौर पर टैक्स भुगतान, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और संभावित अनियमितताओं से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कंपनी का सालाना टर्नओवर 400 से 500 करोड़ रुपए के बीच है।

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में लेनदेन जानकारी के मुताबिक, कंपनी का व्यापारिक लेनदेन महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में फैला हुआ है। इसी कारण दोनों राज्यों से जुड़े दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन का भी मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि कहीं इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत दावा तो नहीं किया गया या टैक्स भुगतान में कोई गड़बड़ी तो नहीं है।

दस्तावेजों का मिलान जारी

जांच के दौरान टीम को टैक्स जमा करने से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। फिलहाल इन रिकॉर्ड्स का उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि दस्तावेजों की पूरी जांच और मूल्यांकन के बाद ही टैक्स चोरी की वास्तविक राशि सामने आ सकेगी।

विभागीय जानकारों के अनुसार सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टैक्स चोरी हुई है या नहीं और यदि हुई है तो उसकी राशि कितनी है।

Exit mobile version