
1 मिनट 27 सेकेंड के वीडियो में रवि भगत गाना गा रहे हैं कि चलो जाबो रे दिल्ली भाई, डीलिस्टिंग की लड़े लड़ाई, रवि भगत हर देवत हे नेवता करत हावे अह्वान, डीलिस्टिंग के लड़ाई लड़े जाबो, दीदी भैया शियान, कार्तिक बाबा के सपना के खातिर लगा देबो अपन जान, डीलिस्टिंग के लड़ाई लड़े जाबो दीदी भैया शियान।
इस गाने के जरिए रवि भगत ने धर्मांतरित हुए लोगों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 5 लाख की संख्या में 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में इकट्ठे होकर डीलिस्टिंग की मांग की जाएगी।
मतांतरित लोगों के आरक्षण को खत्म करने की मांग
इसे लेकर रवि भगत ने कहा है कि जनजाति सुरक्षा मंच के माध्यम से डीलिस्टिंग की मांग के लिए लोगों को दिल्ली जाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कई ऐसे उरांव समाज के लोग हैं जो हिंदू से क्रिश्चियन में मतांतरित हुए हैं उनको जो आरक्षण और अधिकार मिलता है उसे खत्म करने के लिए यह मांग है।
10 फरवरी को रायपुर में होगी बैठक
रवि भगत के मुताबिक, वे रायगढ़, सरगुजा, कोरबा क्षेत्र में जनजाति सुरक्षा मंच के सहसंयोजक हैं और आने वाले 10 फरवरी इसे लेकर रायपुर में बैठक होगी।
जिसमें आगे के कार्यक्रम को तय किया जाएगा और इसके बाद जनजाति सुरक्षा मंच के सदस्यों के द्वारा 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में करीब 5 लाख की संख्या में इक्ट्ठा होकर डीलिस्टिंग की मांग की जाएगी।
कार्तिक उरांव के बारे में बताए
गाने में एक लाइन है कि कार्तिक बाबा के सपना के खातिर लगा देबो अपन जान, इस पर रवि भगत ने कहा कि कार्तिक उरांव 1924-1981 में प्रमुख आदिवासी नेता थे और उन्होंने डीलिस्टिंग का मुद्दा उठाया था।
जिन्होंने अन्य धर्म अपना लिया है उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। रवि भगत ने बताया कि इसी को देखते हुए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।