
जिले में कुल 25 मंडल अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इनमें पेंड्रा में 5, मरवाही में 9 और गौरेला में 11 अध्यक्ष शामिल हैं। इन मंडल अध्यक्षों को बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, जनसमस्याएं उठाने और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस के उदयपुर सम्मेलन में ‘एक व्यक्ति एक पद’ का सिद्धांत तय किया गया था, लेकिन इन नियुक्तियों में इसकी अनदेखी देखी जा रही है। मीडियादार से रेखा तिवारी को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है, जो महिला मजदूर कांग्रेस की जिला अध्यक्ष भी हैं।
इसी तरह वर्तमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु को सेमरा मंडल से मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अवधेश गुर्जर को खोडरी मंडल से अध्यक्ष बनाया गया है। हाल ही में मरवाही के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बने दया वाकरे हरि को भी धनपुर का मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
देखिए नियुक्ति आदेश की कॉपी-
जिलाअध्यक्ष बोली- नियुक्तियों में हुई त्रुटि
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजमती भानु ने बताया कि यह सूची पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने भेजी थी। उन्होंने स्वीकार किया कि नियुक्ति में हुई त्रुटि के बारे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने दूसरे नामों का सुझाव मांगा है और जल्द ही इन चार मंडलों में नई नियुक्तियां की जाएंगी।
कांग्रेस की नई रणनीति और संगठन सृजन
वहीं, प्रभारी कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि इससे पार्टी अधिक अनुशासित और चुनावी रूप से प्रभावी बनेगी। महत्वपूर्ण तथ्य यह भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस की नई रणनीति है, जो आगामी चुनावों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। नियुक्तियां 20-21 जनवरी 2026 को जारी हुईं, जो संगठन सृजन कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया और कटाक्ष
इधर, इस मामले पर कटाक्ष करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति करके कांग्रेस भाजपा की नकल कर रही है। उन्होंने कहा कि मंडल अध्यक्ष भाजपा के संगठन में पहले से ही हुआ करते हैं और कांग्रेस को इस नकल से कोई फायदा नहीं होने वाला है।